घपले वाले स्टॉलों के लिए नयी डीड बनाने की तैयारी

सोमवार रात ऑफिस में 11 बजे तक जमे रहे सचिव नयी डीड बनाकर वर्तमान कब्जेदारों को बचाने की योजना सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी रेगुलेटेड मार्केट में स्टॉलों के आवंटन में हुए घपले की लीपा-पोती करने में बाजार कमेटी (एसआरएमसी) जुट गयी है. विवादित स्टॉलों की की डीड एसआरएमसी के सचिव ने पहले ही अपने कब्जे में […]

सोमवार रात ऑफिस में 11 बजे तक जमे रहे सचिव

नयी डीड बनाकर वर्तमान कब्जेदारों को बचाने की योजना
सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी रेगुलेटेड मार्केट में स्टॉलों के आवंटन में हुए घपले की लीपा-पोती करने में बाजार कमेटी (एसआरएमसी) जुट गयी है. विवादित स्टॉलों की की डीड एसआरएमसी के सचिव ने पहले ही अपने कब्जे में ले रखी है. अब उन स्टॉलों को नये तरीके से नयी तारीख में वर्तमान कब्जेदारों को आवंटित करने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है. बताया जा रहा है कि इस बार स्टेट मार्केटिंग बोर्ड के नियमानुसार पूरा काम हो रहा है.
विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूरे मामले को ढकने के लिए विवादित 62 स्टॉल के वर्तमान कब्जेदारों के नाम पर नयी डीड बनायी जा रही है. सिलीगुड़ी रेगुलेटेड मार्केट में चल रहा घपला उजागर होने के साथ ही गत 8 फरवरी से एसआरएमसी के सचिव ‘किसान भवन’ स्थित अपने कार्यालय से गायब थे.
अब वह सोमवार को दोबारा अपने कार्यालय में देखे गये. बताया जाता है कि कार्यालय के गेस्ट रूम में सोमवार रात 11 बजे तक उन्होंने काम किया. इस दौरान रात करीब 8 बजे से 11 बजे तक चली बैठक में एसआरएमसी ने नये डीड तैयार करने की योजना बनायी है.
जानकारी के मुताबिक, जिन 62 स्टॉलों में घपला सामने आया था, उन सभी विवादित स्टॉलों में अधिकांश की डीड की मूल प्रति 7 फरवरी से ही सचिव ने अपने कब्जे में ले रखी है. दूसरी तरफ एसआरएमसी की चेयरपर्सन सह डीएम जयसी दासगुप्ता व सचिव उन डीडों पर अपने दस्तखत को जाली करार दे चुके हैं.
कमेटी की ओर से जालसाजी की छानबीन करने के बजाय अब विवादित स्टॉलों के नये सिरे से आवंटन व कागजात तैयार किये जा रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि अगर पुराने डीड की जांच की जाती तो फर्जीवाड़े में स्टॉलों के वर्तमान कब्जेदारों के साथ एसआरएमसी के मुनीम, कोषाध्यक्ष व हेड क्लर्क की मिलीभगत भी सामने आ सकती थी.
विवादित स्टॉलों के कई वर्तमान कब्जेदार नन-रिफंडेबल सलामी के साथ किराया जमा कराने का भी दावा कर रहे हैं. यदि पैसा जमा कराया गया है तो एसआरएमसी के फंड का रिकॉर्ड खंगालने से ही मामला साफ हो जायेगा. विवादित 62 स्टॉलों में से 49 स्टॉल अब तक सामने आ चुके हैं. बाकी 13 स्टॉलों का आवंटन किसी ‘गोपनीय’ मेमो से करने का बात सामने आ रही है. सूत्रों की माने तो ये 13 स्टॉल आलू-प्याज के निर्माणाधीन नये यार्ड में शामिल हैं. इसी वजह से बोर्ड की स्वीकृति से 13 स्टॉल ज्यादा का निर्माण कार्य कराया जा रहा है.

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