सिलीगुड़ी : रेलवे के निजीकरण का हर हाल में होगा विरोध

सिलीगुड़ी : रेलवे के निजीकरण के खिलाफ रेल कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है. रेलवे कर्मचारियों ने तत्काल रेलवे मंत्रालय और केंद्र सरकार से निजीकरण पर रोक लगाने की मांग की है. इन मांगों सहित अन्य कई मांगों को लेकर सिलीगुड़ी के नजदीक न्यू जलपाईगुड़ी में एनएफ रेलवे एंप्लाइज यूनियन की जनरल काउंसिल मीटिंग हुई. […]

सिलीगुड़ी : रेलवे के निजीकरण के खिलाफ रेल कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है. रेलवे कर्मचारियों ने तत्काल रेलवे मंत्रालय और केंद्र सरकार से निजीकरण पर रोक लगाने की मांग की है. इन मांगों सहित अन्य कई मांगों को लेकर सिलीगुड़ी के नजदीक न्यू जलपाईगुड़ी में एनएफ रेलवे एंप्लाइज यूनियन की जनरल काउंसिल मीटिंग हुई. इसमें संगठन के महासचिव डॉ एम राघवैया तथा पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे क्षेत्र में संगठन के अध्यक्ष मुनींद्र सैकिया उपस्थित थे.

बाद में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए डॉ राघवैया ने कहा कि केंद्र सरकार रेलवे के निजीकरण की कोशिश कर रही है. जिसका रेलवे कर्मचारी हर कीमत पर विरोध करेंगे.
जनरल काउंसिल की बैठक में रेलवे कर्मचारियों की समस्याओं संबंधित कई प्रस्ताव पारित किए गए हैं. इसके साथ ही कुल 14 सूत्री मांगें रेलवे के सामने रखी गई है. इन मांगों के संबंध में उन्होंने कहा कि रेलवे कर्मचारियों की सुरक्षा, उनको अधिक से अधिक सुविधाएं मिले इसकी कोशिश की जा रही है.
रेल कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए ही सरकार के सामने 14 सूत्री मांगे रखी गई है. जिसमें सबसे प्रमुख मांग रेलवे के निजीकरण एवं आउटसोर्सिंग को बंद करना शामिल है .उन्होंने आगे कहा कि रेलवे कर्मचारियों को कई प्रकार की समस्याएं हैं. उन पर काम का दबाव अधिक होता है. 12 घंटे तक की ड्यूटी रेलवे कर्मचारियों को करनी पड़ रही है.
खाली पदों को तत्काल भर कर ड्यूटी के घंटे में कमी करने की मांग की गयी है. उन्होंने आगे कहा कि इन दिनों रेलवे कालोनियों एवं रेल क्वार्टरों की हालत काफी खस्ता है. सरकार से रेलवे क्वार्टर की मरम्मत करने की मांग की गई है. इसके अलावा रेलवे कॉलोनियों में सड़क एवं ड्रेनेज सिस्टम की मरम्मत के लिए पर्याप्त मात्रा में धन उपलब्ध कराने के लिए भी कहा गया है. रेलवे के रनिंग स्टाफ के लिए भी कई मांगे सरकार के सामने रखी गई है.
जिसमें रनिंग स्टाफ के लिए किलोमीटर दर में तत्काल संशोधन करने की मांग शामिल है ट्रेन में टिकट चेकिंग करने वाले स्टाफ को रनिंग स्टाफ का दर्जा देने सहित नई पेंशन योजना को रद्द करने की मांग भी सरकार से सामने रखी गई है. संगठन की दो दिवसीय जनरल काउंसिल मीटिंग सोमवार को शुरू हुई. जिसमें पूर्वोत्तर सीमा क्षेत्र से रेलवे अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हो रहे हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >