सिलीगुड़ी : एक मानवाधिकार संगठन के नाम का संरक्षण लेकर सिलीगुड़ीवासियों से लाखों रुपये की ठगी करने का एक मामला सामने आया है. खुद को एक मानवाधिकार संगठन का ‘स्टेट मीडिया को-इनचार्ज’ बतानेवाला यह व्यक्ति लोगों को चूना लगाकर फरार हो चुका है. एक पीड़ित ने इस संबंध में भक्तिनगर थाने में शिकायत दर्ज करायी, पर तीन महीने बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला है.
आरोपी व्यक्ति का नाम राजेश भूषण है. इसके अलावा वह राजेश कुमार और राजेश कुमार कसेरा नामों का भी इस्तेमाल करता था. सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस का इस संबंध में कहना है कि उसकी ओर से आरोपी की तलाश की जा रही है.
जानकारी के मुताबिक, राजेश भूषण पिछले कई वर्षों से शहर के हैदरपाड़ा स्थित प्रणामी मंदिर रोड में किराये पर परिवार के साथ रहता था. उसकी पत्नी व एक बेटा है. इसके पहले वह इस्कॉन मंदिर के निकट किराये पर रहता था.
राजेश भूषण बतौर ट्यूशन टीचर इलाके में अपनी पैठ बनानी शुरू की. इलाके के कई घरों में वह बच्चों को बढ़ाता था. उसने फेसबुक पर खुद का ‘मैथ्स फाइटर’ और गणित विशेषज्ञ बता रखा था. ट्यूशन से बनी जान-पहचान का लाभ उठाकर उसने दूसरे व्यवसाय शुरू किये.
व्यवसाय में रुपये निवेश करने के अलावा परिवार में शादी, बीमारी के नाम पर उसने सिलीगुड़ी से करीब 20 लाख रुपये उगाहे. इसके बाद वह अचानक चंपत हो गया.
राजेश के एक छात्र अभिषेक गुप्ता ने गत सितंबर महीने में उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस के भक्ति नगर थाने में दर्ज कराया है. फिलहाल पीड़ित अभिषेक गुप्ता नेचुरोपैथी की पढ़ाई कर रहा है. उसने बताया कि वह और उसकी बहन एक समय राजेश भूषण से ट्यूशन पढ़ा करते थे. शिक्षक के वेश में कोई इस तरह का काम करेगा, सोचना मुश्किल है.
अभिषेक ने बताया कि राजेश भूषण मूल रूप से पड़ोसी राज्य बिहार के सिवान जिले के महाराजगंज इलाके का निवासी है. ट्यूशन के साथ राजेश भूषण ने हैदरपाड़ा इलाके में एक लॉन्ड्री खोली. इस व्यवसाय में पार्टनरशिप के नाम पर कई लोगों से राजेश ने रुपया लिया, जिसमें अभिषेक भी शामिल है.
धीरे-धीरे करके राजेश ने अभिषेक से तीन लाख रुपये से अधिक की उगाही की. इसी बीच वह राष्ट्रीय मानवाधिकार अपराध नियंत्रण संगठन का पदाधिकारी भी बन बैठा. इस संगठन से लोगों को जोड़ने व विभिन्न पद पर नियुक्त करने के लिए भी उसने लोगों से काफी रुपया उगाही किया. फिर वह हैदरपाड़ा के हिंदू समाजवादी पथ नामक संगठन से भी जुड़ गया. हालांकि उसकी करतूतों से वाकिफ होने के बाद इस संगठन ने उसे निकाल बाहर किया.
अभिषेक का दावा है कि सिलीगुड़ी से सटे फांसीदेवा इलाके में जमीन बेचने के नाम पर भी राजेश ने एक व्यक्ति से करीब पांच लाख रुपया वसूला. इसके अतिरिक्त पिता के इलाज के लिए, बहन की शादी के लिए, पत्नी व बेटा के विभिन्न प्रकार के खर्च के लिए वह लोगों से रुपया लिया करता था. टीचर होने और मानवाधिकार संगठन से जुड़े होने की वजह से लोग भरोसा करके उसके चंगुल में फंसते चले गये.
कर्जदारों का तगादा बढ़ने पर वह बीते जून महीने में अचानक फरार हो गया. राजेश की एक मोटरसाइकिल व एक स्कूटी थी. स्कूटी अभी भी सेवक रोड की एक लॉन्ड्री दुकान में पड़ी है. जबकि मोटर साइकिल लेकर वह चंपत हो गया है. सिलीगुड़ी छोड़ने के करीब एक महीने पहले उसने बड़ी चतुराई ने अपने परिवार को यहां से हटा लिया था.
कुछ महीनों तक इंतजार करने के बाद राजेश भूषण का पता नहीं चलने पर अभिषेक गुप्ता ने भक्ति नगर थाने में उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करायी. पुलिस सूत्रों के अनुसार, राजेश भूषण एक पेशेवर धोखेबाज है. सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर वह 26 से अधिक आइडी संचालित कर रहा था. सभी आइडी में उसका नाम और पहचान अलग-अलग है.
वह अवैध तरीके से अपनी गाड़ी पर प्रेस लिखकर भी घूमता था. अभिषेक ने उसे तलाशने के लिए यूट्यूब पर एक वीडियो भी डाला है.सितंबर में एक पीड़ित ने भक्तिनगर थाना में की शिकायत मामला दर्ज होने के तीन महीने बाद भी कोई कार्रवाई नहीं
क्या कहते हैं डिप्टी कमिश्नर
इस संबंध में पूछे जाने पर भक्तिनगर थाना पुलिस ने बताया कि उसकी तलाश जारी है. सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस के डिप्टी पुलिस कमिश्नर गौरव लाल ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है. उसे तलाशने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है.
