युद्ध स्तर पर चल रहा है एशियन हाइवे निर्माण कार्य, अवैध कब्जे पर चलाया गया बुलडोजर

सिलीगुड़ी : एशियन हाइवे-2 महासड़क प्रबंधन ने शनिवार को अवैध दखल पर बुलडोजर चला दिया. दो बार उद्घाटन की निर्धारित तिथि पर कार्य पूरा नहीं कर पाने के बाद एशियन हाइवे प्रबंधन फरवरी 2019 से पहले कार्य पूरा करने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य कर रही है. फरवरी महीने में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी […]

सिलीगुड़ी : एशियन हाइवे-2 महासड़क प्रबंधन ने शनिवार को अवैध दखल पर बुलडोजर चला दिया. दो बार उद्घाटन की निर्धारित तिथि पर कार्य पूरा नहीं कर पाने के बाद एशियन हाइवे प्रबंधन फरवरी 2019 से पहले कार्य पूरा करने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य कर रही है. फरवरी महीने में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के हाथो एशियन हाइवे का उद्घाटन होने की संभावना जतायी जा रही है.
मुआवजा मिलने के बाद भी सड़क किनारे छोटी-मोटी दुकान व अवैध दखल कर फिर से मुआवजे की मांग करने वालों के खिलाफ एशियन हाइवे प्रबंधन ने बुलडोजर चला दिया. सड़क किनारे अवैध दुकान, घर व सामनों को बुलडोजर से ढाह दिया गया. स्थानीय लोगों ने इस अभियान का विरोध तो किया लेकिन हाइवे प्रबंधन ने बिना किसी रूकावट के सभी अवैध निर्माण को तोड़ कर साफ कर दिया.
सर्विस रोड का काम समाप्त होते ही फरवरी महीने में प्रधान मंत्री के हाथों एशियन हाईवे का उद्घाटन होने की संभावना जतायी जा रही है. जानकारी के मुताबिक इंडोनेशिया से इरान तक दस देशों को जोड़ने वाली एशियन हाइवे सड़क का 37.29 किलोमीटर पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी के सटे इलाके से होकर गुजरती है. इंडो-नेपाल सीमांत पानीटंकी से एशियन हाइवे फूलबाड़ी में बांग्लादेश को जोड़ती है. इस सड़क के लिए सरकार को 9.87 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण करनी पड़ी है. जिसके लिए 75 करोड़ रूपए हर्जाना देना पड़ा है.
इसके अतिरिक्त सड़क किनारे दुकान-पाट व दखल करने वाले 4300 लोगों को मुआवजा दिया जा चुका है. इस सड़क के लिए अबतक 1 हजार 9 सौ 29 करोड़ रूपया आवंटित किया जा चुका है. इससे पहले भी दो बार उद्घाटन का समय बदला गया है. वर्ष 2017 के नवंबर महीने में भी काम पूरा करने की बात थी. इस बार लोकसभा चुनाव के पहले फरवरी महीने में इसका उद्घाटन किया जाना है.
एशियन हाइवे 2 के प्रोजेक्ट निदेशक निर्मल मंडल का कहना है कि मुआवजे की रकम मिलने के बाद भी लोग अडंगा लगा रहे हैं. सभी प्रभावितों को मुआवजे की रकम मुहैया करायी गयी है. मुआवजा कम मिलने की शिकायत करने वालों को दोबारा मुआवजा दिया. इसके बाद भी लोग सड़क किनारे दुकान-पाट खोलकर मुआवजे की मांग करते हैं. एक महीना पहले सड़क किनारे अवैध दखल को 24 घंटे में हटाने का निर्देश दिया गया था. लेकिन एक महीने बाद भी लोगों ने कब्जा नहीं छोड़ा. बाध्य होकर बुलडोजर चलाना पड़ा है.

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