सिलीगुड़ी : सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की आंखों में धूल झोंककर तीन भारतीय युवक उसकी नाक के नीचे से बांग्लादेश में घुस गये. मंगलवार दोपहर यह घटना सिलीगुड़ी से सटे भारत-बांग्लादेश सीमांत फूलबाड़ी इमिग्रेशन सेंटर पर घटी. इस बारे में पता चलते ही बीएसएफ ने फौरन घटना की जानकारी बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) को दी. दोनों मुल्कों के सीमा रक्षकों के साझा प्रयास से तीनों भारतीयों को बांग्लादेश में दबोच लिया गया. बाद में बीजीबी ने उन्हें बीएसएफ के हवाले कर दिया.
जानकारी के मुताबिक, फूलबाड़ी इमिग्रेशन सेंटर से रोज बोल्डर लदे 700 से अधिक ट्रक बांग्लादेश जाते हैं. मंगलवार दोपहर को इन्हीं में से किसी ट्रक के पीछे-पीछे एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवक सीमा लांघ कर बांग्लादेश में प्रवेश कर गये. बीएसएफ से इस बारे में खबर मिलते ही बीजीबी ने आसपास के पुलिस थानों को इत्तला किया. करीब दो घंटे बाद बांग्लादेश के पंचगढ़ जिला की तेतुलिया थाना पुलिस ने तीनों को दबोच लिया.
बांग्लादेश पुलिस ने तीनों को बीजीबी को सौंपा. बीजीबी ने उनकी तलाशी लेने के बाद उन्हें बीएसएफ को सुपुर्द कर दिया. फिलहाल तीनों को बीएसएफ के उत्तर बंगाल सीमांत मुख्यालय कदमतला में रखा गया है. उनसे पूछताछ जारी है.
पकड़े गये युवकों की पहचान अमीरूल इस्लाम, मोक्ताज आलम व जलालुद्दीन के रूप में की गयी है. जानकारी के मुताबिक, अमीरुल इस्लाम दार्जिलिंग जिले के फांसीदेवा थाना अंतर्गत धूमगढ़ निवासी शम्सुल हक का बेटा है.
मोक्ताज आलम भी धूमगढ़ निवासी इस्लामुद्दीन का बेटा है. वहीं जलालुद्दीन उत्तर दिनाजपुर जिले के चोपड़ा थाना के काजीगछ इलाका निवासी मेहेनुल हक का बेटा है. ये तीनों किस कारण चोरी-छिपे बांग्लादेश में घुसे, इसकी जानकारी के लिए बीएसएफ पूछताछ कर रही है. बीएसएफ ने इस घटना पुष्टि जरूर की है, लेकिन कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है.
