रंगेहाथ पकड़े गये दो मवेशी चोर, मवेशी तस्कर गिरोह से पुलिस की मिलीभगत का आरोप

तूफानगंज : ग्रामीण इलाकों में इन दिनों मवेशी चोरी की बढ़ रही घटनाओं से लोग परेशान हैं. इसी तरह की एक घटना में रात में सजग ग्रामीणों ने गाय चुराते हुए दो युवकों को रंगे हाथ पकड़ लिया जिसके बाद उन दोनों की धुनाई शुरु हुई. जानकारी अनुसार पकड़े जाने के चंद पलों में ही […]

तूफानगंज : ग्रामीण इलाकों में इन दिनों मवेशी चोरी की बढ़ रही घटनाओं से लोग परेशान हैं. इसी तरह की एक घटना में रात में सजग ग्रामीणों ने गाय चुराते हुए दो युवकों को रंगे हाथ पकड़ लिया जिसके बाद उन दोनों की धुनाई शुरु हुई. जानकारी अनुसार पकड़े जाने के चंद पलों में ही पुलिस मौके पर पहुंच गयी जबकि ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना तक उस समय नहीं दी थी. इसी को लेकर ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों के बीच बहस छिड़ गयी.
यह घटना तूफानगंज दो नंबर ब्लॉक अंतर्गत भारेरा ग्राम पंचायत इलाके में घटी है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इलाके में पिछले छह माह के दौरान हुई मवेशी चोरी की घटनाओं का पुलिस कोई सुराग नहीं ढूढ़ पायी है. पुलिस की मवेशी तस्करों के साथ मिलीभगत है. यही वजह है कि मवेशी चोरों के पकड़े जाने के साथ ही पुलिस को सूचना मिल गयी. इस घटना को लेकर काफी देर तक पुलिस और ग्रामीणों में बहस मुबाहिसा होता रहा. आखिर में पुलिस दोनों आरोपी युवकों को गिरफ्तार कर ले गयी. ग्रामीणों ने बताया है कि पिछले छह माह में बहुत सी गायों की चोरी हुई है जिससे उन लोगों का जीना मुहाल हो गया है.
स्थानीय लोगों ने बताया कि जगदीश चंद्र दास के घर से चार गायों की चोरी हुई है. रतन सरकार और रंजीत दास के घर से भी एक एक मवेशी की चोरी हुई है. मवेशी चोरी की घटनाओं से ग्रामीणों की रात की नींद उड़ गयी है. सामने पुलिस फाड़ी है लेकिन मवेशी चोरी बंद होने का नाम नहीं ले रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि इसी इलाके से होकर मवेशी चोरी समेत कई अन्य गैरकानूनी क्रियाकलाप चलाये जाते हैं. लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी रहती है.
स्थानीय लोगों ने बताया कि रविवार को शनिवार की रात चोर रंजीत दास के घर से गाय चुराकर ले जा रहे थे. घर के लोगों ने देखा तो उन्होंने पीछा कर दो युवकों को रंगे हाथ पकड़ लिया. शोरगुल सुनकर आसपास के लोग जमा हो गये. लोगों ने दोनों युवकों को पकड़कर उनकी धुनाई शुरु कर दी. घटना के कुछ ही देर में मानसाई फाड़ी से पुलिस आ पहुंची जबकि उन्हें किसी ने सूचना नहीं दी थी.
ग्रामीणों ने कहा कि उनका पुलिस पर से भरोसा उठ गया है. स्थानीय निवासी आशीष कुमार बर्मा ने बताया कि पुलिस को उन लोगों ने सूचना नहीं दी थी. फिर उन्हें इसकी खबर कैसे लगी यह सवाल गंभीर है. इसका मतलब है कि चोरों के साथ पुलिस की मिलीभगत है. उन्होंने कहा कि पकड़े गये आरोपियों से जितनी भी गायों की चोरी हुई हैं उनकी कीमत वसूली जाये.

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