चाय श्रमिकों को मिले 105 दिन बंद का वेतन

सिलीगुड़ी : अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर पिछले साल आंदोलन में 105 दिनों तक बंद अवधि की मजदूरी चाय श्रमिकों को भी मिलनी चाहिए . यह मांग टी एडवाइजरी काउंसिल (टीएसी)की बैठक में दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र के चाय श्रमिक यूनियन के नेताओं ने की. सिलीगुड़ी के निकट राज्य मिनी सचिवालय उत्तरकन्या में बृहस्पतिवार […]

सिलीगुड़ी : अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर पिछले साल आंदोलन में 105 दिनों तक बंद अवधि की मजदूरी चाय श्रमिकों को भी मिलनी चाहिए . यह मांग टी एडवाइजरी काउंसिल (टीएसी)की बैठक में दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र के चाय श्रमिक यूनियन के नेताओं ने की.
सिलीगुड़ी के निकट राज्य मिनी सचिवालय उत्तरकन्या में बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अध्यक्षता में टी एडवाइजरी काउंसिल की एक बैठक हुई.
इस बैठक में शामिल होने के लिए पहाड़ के भी चाय श्रमिक यूनियन के नेता आए हुए थे . बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए गोरामुमो नेता महेंद्र छेत्री ने कहा कि पिछले साल आंदोलन के दौरान 105 दिनों तक पहाड़ बंद था. इस दौरान किसी को तनख्वाह नहीं दी गई थी. बाद में सरकारी कर्मचारियों तथा जीटीए के कर्मचारियों को राज्य सरकार की ओर से तनख्वाह दे दी गई. जबकि चाय बागानों में काम करने वाले चाय श्रमिक एक-एक पैसे के लिए तरसते रहे.
जीटीए तथा सरकारी कर्मचारियों को राज्य सरकार तनख्वाह दे सकती है तो चाय श्रमिक भला वेतन एवं मजदूरी से क्यों वंचित रहेंगे. इस बैठक में पहाड़ बंद के दौरान की अवधि के वेतन तथा मजदूरी देने की मांग की गई है. श्री छेत्री ने आगे कहा कि पहाड़ पर बंद चाय बागानों के श्रमिकों के लिए राज्य सरकार से विशेष पैकेज देने की भी मांग की गई. दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र तथा पानीघाटा में कई चाय बागान बंद है.
पहाड़ पर अलकेमिस्ट ग्रुप के चाय बागान में करीब 2500 कर्मचारी कार्यरत हैं.
जबकि पानीघाटा चाय बागान में 1500 कर्मचारी हैं. लगभग 4000 श्रमिक इन दिनों बेरोजगार हो गए हैं और दाने-दाने के लिए तरस रहे हैं. इन चाय श्रमिकों के लिए राज्य सरकार से विशेष पैकेज देने की मांग की गई है. बंद चाय बागानों को खोलने के लिए शीघ्र कदम उठाने की भी मांग की गई. बैठक में प्रस्ताव रखा गया कि राज्य सरकार को बंद बागान खोलने के लिए कंपनियों पर दबाव बनाना चाहिए. इसके लिए कंपनी को नोटिस आदि भेजने की भी सरकार से अपील की गई.
उन्होंने आगे बताया कि चाय बागानों के श्रमिक इन दिनों राशन से वंचित हैं. राज्य सरकार द्वारा राशन की आपूर्ति की जा रही है. लेकिन चाय श्रमिक को राशन नहीं मिल रहा है. चाय श्रमिकों को प्रतिदिन 26.50 रूपये की दर से राशन भत्ता देने का प्रावधान है . बागान मालिक चाय श्रमिकों को यह भत्ता नहीं दे रहे हैं .

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