बालुरघाट : पंचायत चुनाव से पहले उठा शिक्षक तबादला विवाद अभी ठंडा भी नहीं पड़ा है कि अब एजुकेशन सुपरवाइजर नियुक्ति को लेकर दक्षिण दिनाजपुर में विवाद शुरू हो गया है. अनियमितता और धांधली का आरोप लगाते हुए इसके खिलाफ वाम और दक्षिणपंथी शिक्षक संगठन मुखर हुए हैं.
शिक्षा, मिड-डे मील समेत विभिन्न विषयों की सर्कल-सर्कल में निगरानी के लिए एजुकेशन सुपरवाइजर पद सृजित हुआ है. इस पद पर सात लोगों की नियुक्ति हुई है. इनमें बालुरघाट के पार्थ दास और अपु विश्वास का नाम है. कुमारगंज के गुलाम खुर्शीद हुसेन, तपन के ईशान मंडल, गंगारामपुर की मौसमी परवीन, असित सरकार और सुमन साहा का नाम है. जिला प्राथमिक शिक्षा विभाग ने इन सात लोगों की नियुक्ति किस आधार पर की, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं. शिक्षक संगठन के नेताओं का कहना है कि बिना विज्ञप्ति निकाले इस तरह का अनैतिक काम कैसे हुआ. पूरे मामले को लेकर तृणमूल का शिक्षक संगठन भी अंधेरे में है. पश्चिमबंग प्राथमिक तृणमूल शिक्षक समिति के ब्लॉक अध्यक्ष व्रतीन राय ने कहा कि किस तरह यह नियुक्ति हुई, उन्हें जानकारी नहीं है.
एबीटीए शिक्षक संगठन के जिला सचिव शंकर घोष ने बताया कि उन लोगों को इन नियुक्तियों की प्रक्रिया के बारे में कोई जानकारी नहीं है. जो कुछ हुआ है वह पूरी तरह अनैतिक है. पूरी सूची में केवल तृणमूल के घनिष्ठ लोग हैं. जिला स्कूल निरीक्षक मृणालकांति राय ने बताया कि राज्य से नियुक्ति के लिए सूची मिली थी. इससे ज्यादा वह कुछ नहीं जानते. जिला अधिकारी शरद द्विवेदी ने कहा कि वह पूरे मामले की खोज-खबर लेंगे.
