सिलीगुड़ी : जाम से सिलीगुड़ी शहर अस्त-व्यस्त हो चला है. जाम शहर की ज्वलंत समस्या बनती जा रहा है. जाम के लिए वाहनों की बढ़ती संख्या व फुटपाथ पर अवैध कब्जा व पार्किंग मुख्य कारण है. हांलाकि इस समस्या के समाधान के लिए सरकार, प्रशासन और सिलीगुड़ी नगर निगम एक दूसरे पर दोषारोपण के सिवा कोई पहल नही कर रही है.
करीब एक महीना पहले सिलीगुड़ी नगर निगम की विरोधी दल तृणमूल पार्षदों ने शहर के विधान रोड को जाममुक्त करने का बीड़ा उठाया था. एक दिन के अभियान के बाद तृणमूल पार्षद अपना प्रण भूल गए और विधान रोड का दृश्य पहले की तरह ही है. बल्कि निगम का रवैया देख कर फुटपाथ पर अवैध कब्जा बेलगाम हो चला है.
विधान रोड की स्थिति पूर्ववत होने के प्रश्न पर विरोधी दल नेता रंजन सरकार ने कहा कि उन लोगो ने निगम की माकपा बोर्ड को जिम्मेदारियों का एहसास करा जाम की समस्या के समाधान का रास्ता दिखाया था. लेकिन उसके बाद भी निगम कानो में तेल डाल कर बैठी है. जबकि जाम की समस्या दिन प्रतिदिन गहराती जा रही है. निगम अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ रही है. बीते तीन वर्षों के कार्यकाल में अशोक भट्टाचार्य के नेतृत्व वाली निगम की वाम बोर्ड ने शहर को जाम मुक्त करने की दिशा में कोई पहल नहीं की है.
उल्लेखनीय है कि एक महीना पहले सिलीगुड़ी नगर निगम के तृणमूल पार्षदों ने विधान रोड पर सफाई अभियान चलाया था. सड़क के किनारे अवैध पार्किंग, ठेला व दुकानदारों के अवैध कब्जे से फुटपाथ को खाली कराया था.
इस अभियान में विरोधी दल नेता रंजन सरकार के नेतृत्व 2 नंबर बोरो कमिटी चेयरमैन प्रदीप गोयल, तृणमूल पार्षद कृष्ण चंद्र पाल, नांटू पाल आदि शामिल थे. सड़क के किनारे अवैध निर्माण को बुल्डोजर से तोड़ कर हटाया गया था. उस दौरान रंजन सरकार ने कहा था कि सड़क के किनारे अवैध पार्किंग, फुटपाथ पर दुकानदारों के दखल की वजह से जाम की समस्या हो रही है. सड़क के दोनों तरफ विशाल मार्केट है. सड़क के किनारे ठेला, फास्टफूड की दुकान व स्टाल लगाने की वजह से यहां जाम की समस्या है. किसी भी सूरत में सड़क व फुटपाथ पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नही किया जायेगा.
