सिलीगुड़ी : नामांकन दाखिल करने की तिथि समाप्त तो हो गयी लेकिन राज्य के पर्यटन मंत्री गौतम देव के विधानसभा क्षेत्र में उम्मीदवारी को लेकर विवाद समाप्त नहीं हुआ है. आलम यह है कि एक सीट पर तृणमूल के कई उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल कर दिया है. जलपाईगुड़ी जिला परिषद के एक ही सीट पर तृणमूल के दो नेताओं ने नामांकन जमा कराया है. अब जिसे पार्टी का चुनाव चिन्ह मिलेगा वही पार्टी का उम्मीदवार माना जायेगा. ऐसी स्थिति में एक की उम्मीदवारी अधर में लटकी दिख रही है.
उल्लेखनीय है कि इस बार राज्य की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा नहीं की थी. राजनीतिक हल्कों में यह चर्चा का विषय बना हुआ है. माना जा रहा है कि पार्टी के अंदरूनी कलह की वजह से तृणमूल ने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है. ऐसी स्थिति में एक ही सीट पर कई नेताओं ने नामांकन दाखिल कर दिया है. उसी क्रम में जलपाईगुड़ी जिला परिषद के लिए फूलबाड़ी ब्लॉक तृणमूल अध्यक्ष देवाशीष प्रमाणिक व जलपाईगुड़ी जिला तृणमूल के सचिव बादल देव ने नामांकन दाखिल कर दिया है. देवाशीष प्रमाणिक ने मंत्री गौतम देव के साथ जाकर राजगंज बीडीओ कार्यालय में नामांकन दाखिल किया था. जबकि बादल देव का कहना है कि जिला नेतृत्व के निर्देश पर ही उन्होंने नामांकन दाखिल किया है. उस समय मंत्री गौतम देन ने कहा था कि देवाशीष तृणमूल मनोनित उम्मीदवार हैं. इसी कारण नामांकन दाखिल प्रक्रिया में वे उनके साथ हैं. एक ही सीट पर तृणमूल की ओर से दो उम्मीदवारो द्वारा नामांकन दाखिल करने से विवाद गहरा गया है. पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार देवाशीष मंत्री गौतम देव के घनिष्ठ हैं. इसी कारण से उन्हें उम्मीदवार बनाया गया है. जलपाईगुड़ी जिला तृणमूल के सचिव बादल देव ने कहा कि कौन मंत्री का घनिष्ठ है या किसे किस आधार पर खड़ा किया गया है, यह उन्हें मालूम नहीं. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के निर्देश पर ही उन्होंने अपना नामांकन दाखिल किया है. हो सकता है कि उन्हें डमी उम्मीदवार बनाया गया हो.
मंगलवार को दार्जिलिंग जिला पार्टी कार्यालय विधान भवन में पत्रकारों को संबोधित करते हुए मंत्री गौतम देव ने कहा कि जलपाईगुड़ी जिला तृणमूल के फैसले के अनुसार ही देवाशीष प्रमाणिक को उम्मीदवार बनाया गया है. पार्टी के भीतर किसी भी प्रकार का मतभेद नहीं है. जलपाईगुड़ी जिला परिषद के लिए तृणमूल से दो लोगों ने नामांकन दाखिल किया है. जलपाईगुड़ी जिला तृणमूल अध्यक्ष सौरभ चक्रवर्ती व प्रभारी पर्यवेक्षक राज्य के मंत्री अरूप विश्वास जिसे चुनाव चिन्ह प्रदान करेगें, वही पार्टी का उम्मीदवार माना जायेगा. उस पद के लिए जो दूसरे उम्मीदवार बचेगें उनका नामांकन रद्द हो जायेगा. ऐसी स्थिति में दो संभावनाएं उभर कर सामने आ रही है. बादल देव को चुनाव चिन्ह मिलने से देवाशीष प्रमाणिक व मंत्री गौतम देव के बीच द्वंद हो जायेगा. या फिर देवाशीष प्रमाणिक को पार्टी का चुनाव चिन्ह मिलने से बादल देव की उम्मीदवारी रद्द हो जायेगी. यह पार्टी का निजी मामला है और इस विषय पर पार्टी के भीतर ही विचार-विमर्श किया जायेगा.
