डीटीए कार्यालय के सामने किया प्रदर्शन
फ्लश चाय ले जाने पर रोक की चेतावनी
दार्जिलिंग. गोरामुमो के चाय श्रमिक संगठन हिमालयन प्लान्टेशन वर्कर्स यूनियन ने दार्जिलिंग टी एसोसिएशन (डीटीए)को चाय श्रमिकों की मांगों को पूरा करने के लिये 20 दिन की मोहलत दी है. श्रमिक संगठन के सदस्यों ने शुक्रवार की सुबह दार्जिलिंग टी एसोसिएशन के कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया. यूनियन के केन्द्रीय महासचिव जेबी तमांग के नेतृत्व में किये गये विरोध प्रदर्शन में मणिकला तमांग, मन्जिल राई, इन्द्रजीत राई, बसुंधरा प्रधान के साथ उनके बहुत से समर्थक उपस्थित थे. करीब 45 मिनट से अधिक समय तक विरोध प्रदर्शन के बाद महासचिव जेबी तमांग ने बताया कि लेबर एक्ट के तहत अगर कोई श्रमिक लगातार 120 दिनों तक उपस्थिति दर्ज कराता है तो वह सभी तरह के कानूनी हक पाने का अधिकारी हो जाता है.
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन ने 180 दिनों तक मजदूरी करने वाले श्रमिकों को भी उनकी बुनियादी सुविधाओं से वंचित किया है. उन्होंने चाय श्रमिकों के लिये न्यूनतम मजदूरी की दर को भी लागू करने की मांग की.
यूनियन ने डीटीए को 20 अप्रैल तक की मोहलत दी है. यदि उनकी मांग इस दौरान पूरी नहीं की गयी तो वे चाय की पहली फसल के पैकेट ले जाने नहीं देंगे. आज पत्रकारों से रूबरू होते हुए महासचिव तमांग ने यह भी कहा कि रंगली चाय बागान में कार्यरत श्रमिकों को पूजा बोनस का बकाया हिस्सा अभी नहीं मिला है.
इस संदर्भ में सहायक श्रमायुक्त (एएलसी) ने आगामी 17 अप्रैल को बैठक बुलायी है. उस दिन तक भी अगर बकाया पूजा बोनस नहीं दिये जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है. यूनियन ने रंगली चाय बागान को 15 अप्रैल तक का अल्टीमेटम दिया है.
इस संदर्भ में दार्जिलिंग टी एसोसिएशन के सचिव सन्दीप मुखर्जी ने कहा कि न्यूनतम मजदूरी का मसला श्रम विभाग का है. उन्होंने यूनियन से अपील की है कि चाय की पहले फ्लश यानी फसल के पैकेट ले जाने पर रोक नहीं लगायी जाये.
