पर्यावरण प्रेमियों ने मनाया काला दिवस

मयनागुड़ी : रेलवे ओवर ब्रिज बनाने के लिए पेड़ कटाई शुरू करने के एक साल पूरे होने पर पर्यावरण प्रेमियों ने शुक्रवार को काला दिवस मनाया. शुक्रवार को इलाके में विरोध रैली, मौन धारन व उन्हीं स्थानों में फिर से पेड़ लगाने आदि का कार्यक्रम चलाया गया. उल्लेखनीय है कि पिछले साल आज ही के […]

मयनागुड़ी : रेलवे ओवर ब्रिज बनाने के लिए पेड़ कटाई शुरू करने के एक साल पूरे होने पर पर्यावरण प्रेमियों ने शुक्रवार को काला दिवस मनाया.
शुक्रवार को इलाके में विरोध रैली, मौन धारन व उन्हीं स्थानों में फिर से पेड़ लगाने आदि का कार्यक्रम चलाया गया. उल्लेखनीय है कि पिछले साल आज ही के दिन लाटागुड़ी चालसा गामी 31 नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग के बीचाभांगा रेलवे क्रॉसिंग पर ओवर ब्रिज बनाने के लिए पेड़ काटने का काम शुरू हुआ था. लाटागुड़ी जंगल के साल, सागवन सहित लगभग 550 पेड़ काटने का काम वन विकास निगम कर्मियों ने शुरू किया था. इसका विरोध करते हुए पर्यावरण प्रेमियों ने मुहिम छेड़ दी थी.
काफी आन्दोलन, विरोध प्रदर्शन, गिरफ्तारी से भी बात नहीं बनी तो उनलोगों ने हाइकोर्ट में अपील की. आखिरकार पर्यावरण प्रेमियों की अपील पर हाइकोर्ट के न्यायाधीश ने 7 अप्रैल को पेड़ काटने के निर्देश पर स्टे लगा दिया. इसके बाद हाइकोर्ट ने मामले को ग्रीन बेंच को सौंप दिया.
वर्तमान में ग्रीन बेंच के न्यायाधीश ने पेड़ काटने पर स्टे लगा रखा है. पेड़ काटे जाने के उस दिन से आज एक साल पूरे हो गये. इसे पर्यावरण प्रेमियों ने काला दिवस के तौर पर मनाया. बीचाभांगा रेंज कार्यालय के सामने काट कर रखे गये पेड़ों के सामने शुक्रवार को सभी पर्यावरण प्रेमी इकट्ठा हुए. उनलोगों ने मुंह में काला पट्टी बांधकर मौन धारन किया. इसके बाद काटे गये पेड़ों के स्थान पर दूसरे पौधे लगाये गये. इलाके में एक रैली भी निकाली गयी.
पर्यावरण प्रेमी संयुक्त मंच के संयोजक अनिर्वान मजुमदार ने बताया कि ग्रीन बेंच का फैसला जो भी हो, इस दिन को काला दिवस के तौर पर हर वर्ष मनाया जायेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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