उत्तर बंगाल विवि मजबूत दावेदार राज्य सरकार से भी मिली मंजूरी

सिलीगुड़ी : पूर्वोत्तर भारत की पहली नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) एकेडमी बनाने की कवायद शुरू हो गयी है. उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय परिसर में यह एकेडमी बनाये जाने की प्रबल संभावना है. राज्य सरकार ने भी उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय परिसर में एकेडमी बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. दो एनसीसी अधिकारी उत्तरबंग विश्विद्यालय में […]

सिलीगुड़ी : पूर्वोत्तर भारत की पहली नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) एकेडमी बनाने की कवायद शुरू हो गयी है. उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय परिसर में यह एकेडमी बनाये जाने की प्रबल संभावना है. राज्य सरकार ने भी उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय परिसर में एकेडमी बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. दो एनसीसी अधिकारी उत्तरबंग विश्विद्यालय में जमीन का मुआयना भी कर गये हैं. आवश्यकता अनुसार जमीन मिलने पर ही एकेडमी बनाने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी.
मिली जानकारी के अनुसार, पूर्वोत्तर भारत में एनसीसी की एक भी एकेडमी नहीं है. एनसीसी का प्रशिक्षण लेने के लिए छात्र-छात्राओं को उत्तर प्रदेश, लखनऊ, दिल्ली व पंजाब जाना पड़ता है. प्रत्येक वर्ष पूर्वोत्तर भारत से भारी तादाद में छात्र-छात्राएं एनसीसी प्रशिक्षण के लिए इन राज्यों की ओर रुख करते हैं. पूर्वोत्तर भारत में एकेडमी न होने की वजह से काफी छात्र-छात्राओं को मायूस होना पड़ता है. इधर, पिछले कई वर्षों से एनसीसी पूर्वोत्तर भारत में एकेडमी बनाने को इच्छुक है. उत्तर बंगाल में एकेडमी बनाने के लिए एनसीसी ने कई बार राज्य सरकार को प्रस्ताव देकर जमीन की मांग भी की है.
विश्वविद्यालय ने एनसीसी को पांच एकड़ जमीन भी दिखायी
उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय के वीसी सुबीरेश भट्टाचार्य ने बताया कि एकेडमी बनाने के लिए एनसीसी को पांच एकड़ जमीन दिखायी गयी है. जमीन निर्धारण के लिए एक कमिटी भी गठित की गयी है. इस विषय पर एनसीसी प्रशासन से बातचीत की जा रहा है.
उन्होंने कहा कि उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय परिसर में एनसीसी एकेडमी बनाये जाने से पूर्वोत्तर भारत के छात्र-छात्राओं को काफी सुविधा होगी. यहां स्कूल, कॉलेज से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक का एनसीसी प्रशिक्षण दिया जायेगा. एनसीसी कैडेट को आग्नेयास्त्रों का भी प्रशिक्षण दिया जायेगा.

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