गतिसीमा 100 किमी से बढ़ाकर 130 किमी प्रतिघंटा करने की योजना
सिलगुड़ी : मिशन रफ्तार के तहत न्यू जलपाईगुड़ी यानि एनजेपी तथा मालदा टाउन सेक्शन पर भी ट्रेनों की गतिसीमा बढ़ाई जायेगी. इससे रेलयात्री कम समय में यात्रा कर सकेंगे.
यह जानकारी पूर्वोत्तर सीमा रेलवे के सीपीआरओ प्रणव ज्योति शर्मा ने दी. उन्होंने बताया कि अनुभागीय गति बढ़ाने की रेलवे बोर्ड की नीति पूसी रेलवे ने लागू करना शुरू कर दिया है. रंगिया मंडल के दो अनुभागों में तत्काल गति बढ़ाने का निर्णय लिया है.नार्थ लखीमपुर से श्रीपानी, जिसकी दूरी करीब 82 किमी है, में गति 80 किमी/घंटा से बढ़ाकर 100 किमी/घंटा तक की जाएगी.
उसके बाद श्रीपानी से मुर्कोंगसेलेक अनुभाग में गतिसीमा 75 किमी प्रतिघंटा से बढ़ाकर 100 किमी प्रतिघंटा की जाएगी. गति बढ़ाने के अनेक लाभ हैं. उन्होंने कहा कि इससे रेलवे ट्रैक जैसी स्थायी परिसम्पत्तियों का कुशल उपयोग होता है. साथ ही ट्रैक की वहन क्षमता भी बढ़ती है.
इसका अर्थ है कि बिना ट्रैक की लम्बाई बढ़ाए या कोई भी वित्तीय निवेश किए ज्यादा संख्या में ट्रेन चलाई जा सकती हैं.यह उल्लेखनीय है कि लमडिंग मंडल का नारंगी – ठाकुरकुची अनुभाग, जिसकी लंबाई 9 किमी है में अनुभागीय गति 75 किमी प्रतिघंटा से बढ़ाकर 100 किमी प्रतिघंटा तक करने की योजना भी है.
उन्होंने आगे बताया कि वर्ष 2018-19 के दौरान एनजेपी से मादला टाउन अनुभाग तक के बीच गति 110 किमी प्रतिघंटा से बढ़ाकर 130 किमी प्रतिघंटा करने की योजना है.
इसके अलावा सभी 39 अनुभागों में गतिसीमा बढ़ाने की योजना है.उन्होंने आगे कहा कि सभी मंडलों को सर्वोत्तम प्रयास करने के लिए कहा गया है. इससे संबंधित कार्यों की प्रगति के निरीक्षण हेतु प्रत्येक मंडल में एक वरिष्ठ श्रेणी अधिकारी को परियोजना निदेशक के तौर पर नियुक्त किया जाएगा.श्री शर्मा ने आगे बताया कि अधिकतम गति बढ़ाने हेतु बड़ी और साफ-सुथरा गिट्टियों की पर्त, टर्नआउट्स पर बेहतर गुणवत्ता वाली फिटिंग्स, ब्रिज की फिटिंग मजबूत करना, मोड़ पर पर्याप्त लंबाई तथा सिग्नलिंग सिस्टम के उन्नयन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को सुनिश्चित करना होता है.
