सर्वशिक्षा मिशन की अनोखी पहल
कूचबिहार : देश के साथ बंगाल में बढ़ रही छेड़खानी और नारी उत्पीड़न की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए शिक्षा विभाग ने एक अनूठी योजना शुरू की है.
सर्वशिक्षा मिशन की तरफ से कूचबिहार जिले के 224 सरकारी स्कूलों में चरणबद्ध तरीके से छात्राओं को मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण दिया जायेगा. यह प्रशिक्षण नौवीं कक्षा की छात्राओं को दिया जायेगा, जिसके लिए प्रत्येक स्कूल को सालाना नौ हजार रुपये अनुदान दिये जायेंगे. कूचबिहार जिले के साथ ही यह योजना पूरे बंगाल में लागू होने जा रही है. इस योजना के तहत छात्राओं को तीन माह का प्रशिक्षण दिया जायेगा.
सर्वशिक्षा मिशन के जिला प्रकल्प अधिकारी महादेव शैव्य ने बताया कि सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत यह प्रशिक्षण दिया जायेगा. वहीं जिला कराटे डू एसोसिएशन के सचिव राकेश सरकार ने बताया कि आज के वर्तमान दौर में छात्राओं की आत्मरक्षा के लिए मार्शल आर्ट बेहद कारगर तकनीक है.
जिला उसू एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्येन बर्मन ने बताया कि सर्वशिक्षा मिशन की तरफ से कई स्कूलों को चाइनीज मार्शल आर्ट या उसू का प्रशिक्षण देने के लिए हमें दायित्व सौंपा गया है. वहीं तूफानगंज मृगाभोग हाईस्कूल के प्रधान शिक्षक प्रदीप कुमार झा ने बताया कि सर्वशिक्षा मिशन के निर्देश पर हमारे यहां प्रशिक्षण कोर्स कराया जा रहा है.
सेना या अर्द्धसैनिक बलों की भर्ती में मिलेगी मदद
हाल ही में तूफानगंज के बिलसी ने एक महिला कांस्टेबल सादे पोशाक में घर लौट रही थी. रास्ते में कई युवकों ने उनके साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी. उसके बाद महिला कांस्टेबल ने अपने मार्शल आर्ट के बूते उन युवकों का सामना किया और वे भागने पर मजबूर हुए. इस तरह से यह मार्शल आर्ट छात्राओं के लिए आत्मरक्षा का सशक्त माध्यम बन सकता है.
उल्लेखनीय है कि आजकल हमारे देश में कराटे, उसू, जूडो, ताइक्वांडो जैसे मार्शल आर्ट बेहद लोकप्रिय हो रहे हैं. लेकिन सरकारी स्कूलों में मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण पहली बार दिया जा रहा है. प्रशिक्षकों का कहना है कि मार्शल आर्ट हमें आत्मरक्षा के लिए सक्षम बनाने के अलावा सेना या अर्द्धसैनिक बलों में भर्ती होने में मददगार साबित होता है. सर्वशिक्षा मिशन के सूत्र के अनुसार पिछले साल कई स्कूलों में छिटपुट प्रशिक्षण की व्यवस्था करायी गई थी.
लेकिन इस बार सुनियोजित तरीके से यह व्यवस्था होने से यह ज्यादा प्रभावशाली होगा. योजना के मुताबिक जिले के सभी गर्ल्स स्कूलों और सर्वशिक्षा वाले स्कूलों में यह प्रशिक्षण शुरू किया जा रहा है. पहले चरण में प्रत्येक स्कूल की नौवीं कक्षा की 50 छत्राओं को यह प्रशिक्षण दिया जायेगा.
