ग्राम पंचायतों में विकास कार्य प्रभावित होने की संभावना
राज्य सरकार को लिखेंगे पत्र, पुनर्विचार का अनुरोध
सिलीगुड़ी. ग्राम पंचायत के अधिकारों से संबंधित राज्य सरकार के एक निर्णय पर सिलीगुड़ी महकमा परिषद के सभाधिपति तापस सरकार ने आपत्ति जतायी है. उन्होंने इस फैसले पर पुर्नविचार का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा है.
राज्य सरकार ने एक निर्देश जारी कर ग्राम पंचायतों के आर्थिक अधिकार को कम कर दिया है. राज्य सरकार ने ग्राम पंचायतों का आर्थिक अधिकार घटाकर 25 हजार रूपए कर दिया है. सिलीगुड़ी महकमा परिषद के सभाधिपति तापस सरकार ने सरकार के इस निर्णय से ग्राम पंचायत इलाकों में विकास कार्य के बाधित होने की आशंका प्रकट की. इस फैसले पर पुर्नविचार के लिए वे सरकार को एक पत्र भी लिखेगें.
मिली जानकारी के अनुसार पहले ग्राम पंचायतों को तीन लाख रूपए तक स्वयं के निर्णय पर खर्च करने का अधिकार था. लेकिन राज्य सरकार के निर्देशानुसार ग्राम पंचायतों के खर्च करने का अधिकार 25 हजार रूपए में समेट दिया है.
25 हजार से 1 लाख रूपए तक के खर्च के लिए बीडीओ से अनुमति लेनी होगी. एक लाख से दो लाख तक के खर्च के लिए महकमा शासक से अनुमति लेनी होगी. दो लाख से तीन लाख तक के खर्च के लिए महकमा परिषद या जिला परिषद के एईओ या जिला शासक की अनुमति अनिवार्य है. सिलीगुड़ी महकमा परिषद के सभाधिपति तापस सरकार ने कहा कि राज्य सरकार ने कुछ सोच कर ही यह निर्णय लिया होगा.
लेकिन सरकार के इस निर्णय से ग्राम पंचायतो को कार्य करने में आर्थिक जटिलता का सामना करना पड़ेगा. खर्च के लिए अधिकारियों की तरफ टकटकी लगाये रहना होगा. इससे से विकास कार्यों की गति बाधित होगी. राज्य सरकार को इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है. इस विषय पर पुनर्विचार के लिए वे सरकार को पत्र भी लिखेगे.
