ब्रह्म समाज ने आइएमए की जमीन पर किया दावा

कोलकाता से आये प्रतिनिधियों ने लिया जायजा जिला प्रशासन से लगायेंगे इंसाफ की गुहार बीएलआरओ के रिकार्ड में अब भी यह जमीन ब्रह्म समाज के नाम है दर्ज आइएमए ने 27 फरवरी 1957 को 7000 रुपये में जमीन खरीदने का किया दावा जलपाईगुड़ी : शहर के समाजपाड़ा स्थित इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की जमीन पर […]

कोलकाता से आये प्रतिनिधियों ने लिया जायजा
जिला प्रशासन से लगायेंगे इंसाफ की गुहार
बीएलआरओ के रिकार्ड में अब भी यह जमीन ब्रह्म समाज के नाम है दर्ज
आइएमए ने 27 फरवरी 1957 को 7000 रुपये में जमीन खरीदने का किया दावा
जलपाईगुड़ी : शहर के समाजपाड़ा स्थित इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की जमीन पर ब्रह्म समाज ने दावा किया है. गुरुवार को ब्रह्म समाज की कोलकाता इकाई के प्रतिनिधियों ने जमीन का मुआयना करने के बाद यह दावा किया है. प्रतिनिधियों का कहना है कि जमीन वास्तव में ब्रह्म समाज की है. यहां तक कि प्रखंड भूमि व भूमि सुधार विभाग के रिकार्ड में भी जमीन ब्रह्म समाज के नाम से ही दर्ज है. आरोप है कि आईएमए ने अवैध तरीके से समाज की जमीन पर कब्जा कर लिया है.
आरोप यह भी है कि विवाद के केंद्र में रही जमीन को आईएमए ने स्टूडेंट हेल्थ होम को बेच दिया है. हालांकि आईएमए के पदाधिकारियों ने आरोपों से इंकार करते हुए कहा है कि उनके पास जमीन के दस्तावेज आज भी मौजूद है. उधर, ब्रह्म समाज के कोलकाता से आये प्रतिनिधिदल ने कहा है कि वह जिला प्रशासन व अन्य विभाग से इस बारे में इंसाफ की गुहार लगायेंगे. स्थानीय लोगों का भी मानना है कि ब्रह्म समाज के नाम पर ही मोहल्ले का नाम समाजपाड़ा पड़ा है.
सूत्र के अनुसार 1959 से ही उक्त जमीन ब्रह्म समाज के नाम से दर्ज है. सवाल है कि यदि यह जमीन समाज के नाम से ही दर्ज है तो यह आईएमए के कब्जे में कैसे और किन परिस्थितियों में चली गयी. आज कोलकाता से आये ब्रह्म समाज के प्रतिनिधि प्रसून गांगुली ने जमीन का मुआयना करने के बाद उसकी तस्वीर कैमरे में कैद भी की.
प्रसून गांगुली ने बताया कि समाजपाड़ा में ब्रह्म समाज की जमीन करीब एक एकड़ है. हालांकि उन्हें यह नहीं पता कि यह जमीन आईएमए के हाथ कैसे लगी? उन्होंने इस जमीन को वापस दिलाने की मांग की.
वे इस बाबत जिलाधिकारी और नगरपालिका चेयरमैन से भी बात करेंगे. उन्होंने बताया कि पेशे से जज चंडीचरण सेन ने 1870 में समाजपाड़ा में मंदिर का निर्माण कराया था. उसके बाद मंदिर को तोड़कर उसकी जगह इंडियन मेडिकल एसोसिएशन का कार्यालय बनाया गया.
उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि जमीन का वापस लेकर उसे स्थानीय लोगों के हित में उपयोग किया जाये. जरूरत पड़ी तो इसके लिये अदालत भी जाने को वह तैयार हैं. वहीं, ब्रह्म समाज की कोलकाता इकाई के सूत्र बताते हैं कि समाजपाड़ा पूजा कमेटी का मैदान भी ब्रह्म समाज का ही है. इस मैदान में एक मंदिर और उपासना गृह भी था. फिलहाल वह वहां नहीं है. यहां तक कि बीएलआरओ के दफ्तर के रिकार्ड में भी मैदान ब्रह्म समाज के नाम से ही दर्ज है.
स्थानीय निवासी शांतनु घोष ने बताया कि वे लोग चाहते हैं कि जमीन उसके वास्तविक मालिक को सौंप दी जाये. उसके बाद ही यह तय होगा कि जमीन आईएमए को दी जाये या नहीं. ब्रह्म समाज के नाम पर ही मोहल्ले का नामकरण समाजपाड़ा हुआ है. लेकिन ऐसा लगता है कि जमीन किसी अन्य के हाथ में चली गयी है. वहीं, आईएमए के सचिव सुशांत राय ने बताया कि वह 1993 से आईएमए के साथ संबद्ध हैं.
इस जमीन का हस्तांतरण 27 फरवरी 1957 को किया गया था. उस समय 7 हजार रुपए में जमीन खरीदी गयी थी. पंचानन बर्मा की मूर्ति लगाने की अनुमति संगठन ने ही दी है. जमीन को स्टूडेंट हेल्थ होम को बेचा गया है. जमीन के दस्तावेज अभी भी उनके पास हैं.

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