मालदा : स्कूल के शौचालय से माध्यमिक की एक परीक्षार्थी के बरामद होने से खलबली मच गई है. उसका हाहिना हाथ टूटा हुआ है और उसके मुंह को कपड़े से बांधकर रखा गया था. सोमवार दोपहर करीब 12.10 बजे यह घटना बामनगोला थाना अंतर्गत बामनगोला हाईस्कूल में घटी है.
परीक्षार्थी शौचालय में बंद रो रही थी. मुंह बंधे होने के कारण वह ठीक से रो भी नहीं पा रही थी. उसी समय वहां से गुजर रहे एक पियुन ने उसके रोने की हल्की आवाज सुनी. वह शौचालय की ओर गया. दरवाजा खोलते ही उसके होश उड़ गये. छात्रा को बांधकर शौचालय में रखा गया था. इस घटना की जानकारी जैसे ही अभिभावकों को मिली, उसके बाद तो स्कूल का माहौल गरमा गया. भारी संख्या में अभिभावक स्कूल परिसर में जमा हो गये और विरोध प्रदर्शन करने लगे.
सूचना पाते ही बामनगोला थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया. पुलिस ने छात्रा को मोदीपुकुर ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया है. वह आज पहला दिन माध्यमिक की परीक्षा देने आयी थी. पुलिस तथा स्कूल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, घायल छात्रा का नाम निवेदिता विश्वास (16) है.
वह बामनगोला के आदाभांगा गांव की रहने वाली है. वह ऐसे रामकृष्ण हाईस्कूल की छात्रा है. माध्यमिक परीक्षा में उसका सेंटर बामनगोला हाईस्कूल में पड़ा है. किस तरह से छात्रा को बांधकर शौचालय में रखा गया, इसकी जांच बामनगोला थाना पुलिस कर रही है. इधर, मालदा जिला माध्यमिक विद्यालय निरीक्षक (डीआइ) तापस विश्वास ने बताया कि घायल छात्रा को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
उसका दाहिना हाथ टूटा हुआ है. इलाज के बाद उसके लिए माध्यमिक परीक्षा दिलाने की अलग से व्यवस्था की जायेगी. उसकी सहायता के लिए कॉपी लिखने के लिए किसी को रखा जायेगा.
पुलिस भी मामले की जांच कर रही है. पुलिस सूत्रों ने आगे बताया कि माध्यमिक परीक्षा के पहले दिन 11 बजे से ही परीक्षार्थी बामनगोला हाईस्कूल आने लगे थे. परीक्षा शुरू होने के 10 मिनट पहले एक पियुन शौचालय की ओर गया.
तभी उसने छात्रा की रोने की आवाज सुनी. उसने स्कूल के अन्य लोगों को भी इसकी जानकारी दी. उसके बाद छात्रा को शौचालय से निकाला गया. दूसरी ओर इस घटना से यहां परीक्षा दे रही छात्राएं तथा उनके अभिभावक काफी डरे हुए हैं. इन लोगों ने स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाया है.
बामनगोला हाईस्कूल के शिक्षक भी इस घटना से परेशान हैं. स्कूल के टीआइसी गमीरूद्दीन मियां ने बताया कि उन्हें भी समझ में नहीं आ रहा है कि ऐसा कैसे हो गया. बहरहाल अभी सबसे जरूरी छात्रा को माध्यमिक परीक्षा दिलाना है. छात्रा की चिकित्सा की जा रही है और उसके ठीक होते ही परीक्षा की व्यवस्था की जायेगी.
