पतझड़ के बाद गर्मी में होती हैं ऐसी घटनाएं
आग पर निगरानी की टीमें बढ़ाने का अनुरोध
मयनागुड़ी : पतझड़ बीतने के बाद गर्मी शुरू होने पर जंगलों में आग लगने की घटनाएं अक्सर हुआ करती हैं. इसी तरह की एक घटना में लाटागुड़ी-मालबाजार राष्ट्रीय राजमार्ग के निकट लाटागुड़ी जंगल का एक छोटा हिस्सा आग लगने से नष्ट हो गया. ऐसी ही एक अन्य घटना में लाटागुड़ी से रामसाई के रास्ते में जंगल का कुछ हिस्सा जलकर नष्ट हो गया.
पर्यावरण प्रेमी संगठनों ने इन घटनाओं को लेकर चिंता जाहिर करते हुए आग पर निगरानी रखने की टीमों की संख्या बढ़ाने की मांग की है. उल्लेखनीय है कि जंगल में लगने वाली आग पर नियंत्रण के लिए वन विभाग की ओर से फायर वाचर टीम की तैनाती की जाती है.
लेकिन इन टीमों की संख्या कम होने की वजह से अगलगी की घटनाओं पर नियंत्रण नहीं लग पा रहा है. संरक्षित जंगल के विस्तृत अंचल पर निगरानी करना वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है.
एक पर्यावरण प्रेमी अनिर्वाण मजूमदार ने बताया कि अगलगी की ऐसी घटनाओं पर नियंत्रण के लिए फायर वाचर टीम की संख्या बढ़ायी जानी चाहिए. वहीं वन विभाग ने इस विषय में विचार कर कदम उठाने का आश्वासन दिया है.
उल्लेखनीय है कि कई लोगों की असावधानी के चलते जंगलों में आग लग जाती है. इसके अलावा कुछ मवेशी पालक जंगल में घास उगाने के लिए भी आग लगा देते हैं. इससे जंगल के बहुत सारे कीट-पतंग और छोटे-छोटे प्राणी मर जाते हैं. इस बारे में वन विभाग के सूत्रों का कहना है कि आग लगने की जानकारी मिलते ही उन्हें बुझाने के लिए त्वरित कार्रवाई की जाती है.
