सिलीगुड़ी : सभी बिजली ग्राहकों को विद्युत परिसेवा प्रदान करना सरकार का दायित्व है. लेकिन बिजली कंपनियां मौके का फायदा उठाकर ग्राहकों से मोटी रकम लेने पर लगी है. पिछले दिनों कोयले के दाम में 40 प्रतिशत तक की कमी आयी है. इसके साथ ही जीएसटी में भी 7 प्रतिशत की कमी की गयी है. फिर भी राज्य की सरकारी बिजली कंपनी बिल में लगातार बढ़ोत्तरी कर रही है.
यह आरोप ऑल बंगाल इलेक्ट्रिसिटी कंज्यूमर एसोसिएशन (एबीइसीए) ने लगाया है .साथ ही संगठन ने डोमेस्टिक बिजली बिल में 50 प्रतिशत की कमी के साथ साथ अन्य कई मांगों के समर्थन में आगामी 26 फरवरी को सिलीगुड़ी के हिलकार्ट रोड में धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है. शुक्रवार को सिलीगुड़ी में आयोजित एक प्रेस वार्ता के माध्यम से संस्था के सचिव काजल चक्रवर्ती ने यह बातें कही. उन्होंने बताया कि कोयला से लेकर विद्युत उत्पादन खर्च में कमी आने के बाद भी बिजली मोटी रकम कमाने लगी है.
श्री चक्रवर्ती ने आगे जानकारी देते हुए कहा की इंडियन एनर्जी एक्सचेंज से प्रात रिपोर्ट के अनुसार एक यूनिट बिजली के उत्पादन में 2 रुपये 17 पैसा का खर्च आता है. लेकिन पश्चिम बंगाल की विद्युत वितरण कंपनी 2 रुपये 55 पैसा प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीद कर ग्राहकों को 7 रुपये 12 पैसा प्रति यूनिट के दर पर बेचती है.
राज्य अथवा केंद्र सरकार इस ओर कोई खास ध्यान नहीं दे रही है. इसके अलावा बिजली के दामों को 50 प्रतिशत कम करने के साथ अन्य कई मांगों के समर्थन में आगामी 26 फरवरी को हिलकार्ट रोड पर धरना प्रदर्शन किया जायेगा. शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन में एबीइसीए के उपाध्यक्ष एलएम शर्मा व अन्य उपस्थित थे.
