पहल. संकटग्रस्त चाय बागानों के श्रमिकों को मिलेगा सहारा
महिला स्वनिर्भर समूहों के जरिये होगा इनका संचालन
करलावैली चाय बागान में राशन दुकान का किया गया शुभारंभ
जलपाईगुड़ी : जलपाईगुड़ी जिले के संकटग्रस्त चाय बागानों के श्रमिकों के लिए राज्य सरकार ने रियायती मूल्य पर राशन दुकान खोलने का निर्णय लिया है. इसी क्रम में मंगलवार को खाद्य व आपूर्ति मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक ने अपने विभाग की एक समीक्षा बैठक के बाद करलावैली चाय बागान में रियायती राशन दुकान का शुभारंभ किया. इस राशन दुकान का संचालन ड्रैगन स्वनिर्भर दल की महिलाएं करेंगी. मंत्री ने बताया कि बाकी राशन दुकानों का लोकार्पण मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक साथ करेंगी.
सूत्र के अनुसार, इस तरह की राशन दुकानें जलपाईगुड़ी जिले के 87 चाय बागानों में खोली जायेंगी. फिलहाल ऐसी 50 दुकानों का निर्माण हो चुका है. इस उद्घाटन कार्यक्रम में उपस्थित रहे मंत्री के अलावा जिलाधिकारी रचना भगत, जिला परिषद सभाधिपति नूरजहां बेगम, विभागीय अधिकारी एवं चाय बागानों के श्रमिक.
मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक ने बताया कि उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, कर्सियांग, मिरिक, तराई, अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी, कूचबिहार और उत्तर दिनाजपुर जिलों के 300 से अधिक चाय बागानों में इस तरह की विशेष राशन दुकान चालू की जायेंगी. इस बीच 126 दुकानें तैयार हो चुकी हैं. इन सभी का सीएम एक साथ रिमोट के जरिये उद्घाटन करेंगी. इनमें से प्रत्येक दुकान को बनवाने में 8 लाख 46 हजार रुपए की लागत आयी है. आज करलावैली चाय बागान में राशन दुकान का उद्धाटन करने के बाद मंत्री ने उसकी चाबी ड्रैगन स्वनिर्भर समूह की महिला शर्मिला कुजूर के हाथ में सौंपी.
शर्मिला ने कहा कि यह राज्य सरकार की बेहतर योजना है जिससे गरीब व असहाय चाय श्रमिक लाभान्वित होंगे. इन श्रमिकों को उंची कीमत पर चावल व आटा खरीदने की सामर्थ्य नहीं है. दुकान का संचालन 10 महिलाओं की एक टीम करेगी. मंत्री ने बताया कि इस तरह की पहल राज्यों में ही नहीं बल्कि देश में प्रथम है. किसी भी राज्य के चाय बागान में इस तरह की व्यवस्था नहीं है. ऐसी दुकानें बंद, रुग्ण, परित्यक्त सभी तरह के चाय बागानों में खोली जायेंगी.
