धर्मस्थलों को भी पर्यटन सर्किट में लाने की कवायद
जलपाईगुड़ी : पर्यटन विभाग बंगाल के धर्मस्थलों को पर्यटन के सर्किट में लाने की एक महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रहा है. इसके तहत उत्तर व दक्षिण बंगाल के महत्वपूर्ण धर्मस्थलों तक जाने वाली सड़कों की मरम्मत के अलावा बिजली, पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था की जायेगी ताकि अधिक से अधिक लोग ऐसे धर्मस्थलों […]
जलपाईगुड़ी : पर्यटन विभाग बंगाल के धर्मस्थलों को पर्यटन के सर्किट में लाने की एक महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रहा है. इसके तहत उत्तर व दक्षिण बंगाल के महत्वपूर्ण धर्मस्थलों तक जाने वाली सड़कों की मरम्मत के अलावा बिजली, पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था की जायेगी ताकि अधिक से अधिक लोग ऐसे धर्मस्थलों तक आसानी से पहुंचकर उनके दर्शन कर सकें. मंगलवार को यह जानकारी पर्यटन मंत्री गौतम देव ने दी.
उन्होंने बताया कि आगामी दुर्गा पूजा के पहले 60 फीसदी धर्मस्थलों को इस पर्यटन सर्किट में लाने का प्रयास किया जा रहा है. विभाग की ओर से पर्यटकों के लिए इन धर्मस्थलों तक के लिये पैकेज टूर और शैक्षणिक भ्रमण की भी व्यवस्था की जायेगी.
मंत्री गौतम देव ने बताया कि उत्तर बंगाल के विभिन्न जिलों में भी ऐसे बहुत से मंदिर-मस्जिद-चर्च और गुम्पा हैं जिनका ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व है. इनमें शामिल हैं, जयंती पहाड़ का महाकाल मंदिर, बक्सा पहाड़ का चूनाभट्टी चर्च, मदनमोहन बाड़ी कूचबिहार, बानेश्वर शिव मंदर के अलावा जटिलेश्वर, बटेश्वर, जल्पेश मंदिर, राजबाड़ी के मंदिर, बोदागंज का भ्रामरी मंदिर, जलपाईगुड़ी के गोशाला मोड़ का काली मंदिर जैसे पुराने व प्रतिष्ठित मंदिरों को इस धार्मिक सर्किट में लाने की योजना है. मंत्री ने बताया कि ऐतिहासिक रूप से प्रतिष्ठित मंदिर-मस्जिद-चर्च-गुम्पा के अलावा क्षेत्रीय स्तर के मंदिरों जैसे राजगंज के शिकारपुर का देवी चौधरानी काली मंदिर को भी इस सर्किट में लाया जायेगा. इन धर्मस्थलों तक जानेवाली सड़कों का निर्माण व मरम्मत, सड़क बिजली, पेयजल, बैठने की जगह, ठहरने के लिये डॉरमेटरी और हरितकरण के काम किये जायेंगे.
इन स्थलों में हेरिटेज व पुरातात्विक मानकों का अनुपालन करते हुए बोटिंग आदि की सुविधाएं भी उपलब्ध करायी जायेंगी. सर्किट पूरी तरह से तैयार करने में करीब एक साल लग सकता है. हालांकि दुर्गा पूजा से पहले आधे से अधिक काम को पूरा करने का लक्ष्य लिया गया है. उन्होंने बताया कि पैकेज टूर के अलावा स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिये शैक्षणिक भ्रमण कराया जायेगा.