दुष्कर्म के आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

16 वर्षीया नाबालिग छह महीने की गर्भवती बच्चे के जन्म के बाद डीएनए टेस्ट का इंतजार परिवारवालों ने लगायी इंसाफ की गुहार जान से मारने और इज्जत उछालने की धमकी देकर दुष्कर्म करता रहा आरोपी परिवारवालों ने रखा शादी का प्रस्ताव, आरोपी ने ठुकाराया और खुद को बताया निर्दोष सिलीगुड़ी : जान से मारने की […]

16 वर्षीया नाबालिग छह महीने की गर्भवती

बच्चे के जन्म के बाद डीएनए टेस्ट का इंतजार
परिवारवालों ने लगायी इंसाफ की गुहार
जान से मारने और इज्जत उछालने की धमकी देकर दुष्कर्म करता रहा आरोपी
परिवारवालों ने रखा शादी का प्रस्ताव, आरोपी ने ठुकाराया और खुद को बताया निर्दोष
सिलीगुड़ी : जान से मारने की धमकी देकर एक युवक ने नाबालिग लड़की को गर्भवती बना दिया है. पीड़िता छह महीने से अधिक की गर्भवती हो चली है. पीड़ित परिवार ने इंसाफ के लिए कानून का दरवाजा खटखटाया है. हांलाकि पुलिस ने आरोपी मुहम्मद हामिद को गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर दिया है. अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. सनसनीखेज यह घटना फांसीदेवा थाना इलाके की है. पीड़िता स्थानीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में नौंवी की छात्रा है.
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दुष्कर्म की यह घटना बीते कई महीनों से लगातार होती रही है. पीड़िता के बयान के मुताबिक कुछ महीने पहले वह शाम को ट्यूशन पढ़कर घर लौट रही थी. उसी समय आरोपी मुहम्मद हामिद उसे जान से मारने की धमकी देकर निकट के एक चाय बागान में ले गया और दुष्कर्म किया. इस बारे में किसी से भी जिक्र न करने की धमकी दी. इसके बाद उसका हौसला बढ़ गया और वह उसकी इज्जत उछालने की धमकी देकर बीते कई महीनों से उसके साथ लगातार दुष्कर्म करता आ रहा है. घटना जानने पर लड़की के परिवार वालों ने आरोपी के समक्ष शादी का प्रस्ताव रखा. लेकिन उसने उसे ठुकरा दिया. पीड़िता कब गर्भवती हो गयी, इसका उसे भी पता नहीं चला. उसका गर्भ अब छह महीने से अधिक समय का हो गया है. कोई रास्ता न पाकर पीड़ित परिवार ने इंसाफ के लिए कानून का दरवाजा खटखटाया है. बीते 23 जनवरी को आरोपी मुहम्मद हामिद के खिलाफ फांसीदेवा थाने में दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया. इसके बाद पुलिस ने 1 फरवरी को आरोपी को गिरफ्तार अदालत में पेश किया. अदालत ने आरोपी को जेल हिफाजत में भेज दिया है.
पुलिस सूत्रों के अनुसार पीड़िता आरोपी पर दुष्कर्म का आरोप लगा रही है. जबकि आरोपी इससे इन्कार कर रहा है. दोनों का मेडिकल टेस्ट कराया गया है, लेकिन कुछ साफ नहीं हुआ है. अब बच्चे के जन्म लेने के बाद उसका डीएनए टेस्ट कराया जायेगा. उसके बाद ही मामला साफ होगा. इधर सिलीगुड़ी अदालत के वकील अखिल विश्वास ने पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने का जिम्मा लिया है. वह बिना किसी फीस के उनकी ओर से कानून की लड़ाई लड़ रहे हैं. उन्होंने बताया कि अभी मामला विचाराधीन है. आवश्यकता पड़ने पर वह हाईकोर्ट का भी दरवाजा खटखटायेगें.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >