तेंदुओं को पहनाना शुरू किया रेडियो कॉलर
तेंदुओं के बढ़ रहे हमलों के चलते सर्वे की मांग
मयनागुड़ी : चाय बागान समेत वन बस्तियों में आये दिन तेंदुओं के हमले को देखते हुए उनके सर्वे की मांग ने जोर पकड़ा है. पर्यावरण प्रेमी संगठनों का कहना है कि तेंदुओं के साथ लोगों के संघर्ष की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए यह जानना जरूरी है कि तेंदुओं की उत्तर बंगाल में कितनी तादाद है. वहीं वन्य प्राणी डिवीजन की ओर से तेंदुओं पर निगरानी के लिए उन्हें रेडियो कॉलर पहनाने का काम शुरू किया गया है.
उत्तर बंगाल के मुख्य वनपाल (वन्यप्राणी डिवीजन) उज्ज्वल घोष ने बताया कि तेंदुओं की हमलों की घटनाएं चिंताजनक हैं. इस समस्या से निजात दिलाने के लिए वन विभाग ने जल्दापाड़ा और महानंदा अभयारण्य में इन तेंदुओं को वाल्ड लाइफ इंस्टीच्यूट ऑफ इंडिया की तरफ से रेडियो कॉलर लगाये जा रहे हैं. इस कॉलर के जरिये तेंदुओं की स्थिति का पता चलेगा.
इस तरह उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी. यह तरीका तेंदुओं के हमलों को रोकने के लिए सहायक सिद्ध होगा. उल्लेखनीय है कि इसके पहले भी महानंदा अभयारण्य और जल्दापाड़ा में दो तेंदुओं को रेडियो कॉलर पहनाये गये थे. मुख्य वनपाल ने बताया कि बीते शुक्रवार को भी महानंदा अभयारण्य में एक तेंदुए को रेडियो कॉलर पहनाया गया है. वन मंत्री विनय कृष्ण बर्मन ने भी तेंदुओं और आम इनसान के बीच संघर्ष की घटनाओं को गंभीर बताया है.
