पहाड़. तमांग ने दी जानकारी
बैठक का स्थान तय नहीं, गोरामुमो ने भी सूचना नहीं होने की बात कही
दार्जिलिंग : दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र की समस्या को लेकर सर्वदलीय द्विपक्षीय बैठक आगामी आठ फरवरी को होने की संभावना है. इससे पूर्व छह फरवरी को राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दार्जिलिंग आयेंगी. अगले दिन सात फरवरी को दार्जिलिंग के डाली स्थित पुलिस खेल मैदान में आयोजित एक कार्यक्रम में वह हिस्सा लेंगी. इसके बाद आठ फरवरी को पहाड़ समस्या को लेकर द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना है, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल होंगे. यह जानकारी दार्जिलिंग नगरपालिका के एक कार्यक्रम में पहुंचे जीटीए प्रशासनिक बोर्ड के चेयरमैन विनय तमांग ने दी.
सर्वदलीय बैठक के स्थान के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह दायित्व जिला प्रशासन का है. चौथे चरण की सर्वदलीय बैठक में गोजमुमो का पक्ष क्या होगा, इस बारे में श्री तमांग ने कहा कि पूर्व की बैठकों में गोजमुमो की ओर से एक ज्ञापन पत्र सौंपा गया था, जिसमें से 104 दिनों के बंद के दौरान का कटा वेतन कर्मचारियों को भुगतान करने और शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देने की मांग मान ली गयी है. लेकिन अभी भी कई मांगें सरकार के पास बाकी हैं. इन विषयों को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया जायेगा.
इधर, गोरामुमो के केन्द्रीय महासचिव तथा हिल एरिया डेवलपमेंट कमेटी के वाइस चेयरमैन महेन्द्र छेत्री ने कहा कि सर्वदलीय बैठक के बारे में उनकी पार्टी को कोई जानकारी नहीं है. हालांकि अगर आठ फरवरी की बैठक में बुलाया जाता है, तो गोरामुमो उसमें जरूरी शामिल होगी. बैठक में कौन जायेगा, यह आमंत्रण मिलने के बाद पार्टी का शीर्ष नेतृत्व तय करेगा. उन्होंने पर्वतीय क्षेत्र की समस्या के स्थायी समाधान के लिए छठी अनुसूची लागू करने की मांग उठाने का संकेत दिया.
बीते साल गोरखालैंड आंदोलन के दौरान पहाड़ पर हुई अशांति के बाद हालात को सामान्य करने के लिए सरकार और पहाड़ के राजनीतिक दलों के बीच द्विपक्षीय बैठक शुरू हुई थी. पहली बैठक 29 अगस्त को कोलकाता में हुई. दूसरी बैठक 12 सितंबर को हुई. इसके बाद 21 नवंबर को उत्तरकन्या में तीसरी बैठक हुई.
