सीआरपीएफ जवान समेत तीन हिरासत में
दीमापुर से दक्षिण भारत ले जायी जा रही थी लकड़ी
जवान के बड़े तस्करी गिरोह से जुड़े होने का शक
बानरहाट : गुरुवार दोपहर को वनकर्मियों ने एक बारहचक्का ट्रक से 50 लाख रुपये की अवैध लकड़ी बरामद की. एक गुप्त सूचना के आधार पर मोराघाट रेंज के वनकर्मियों ने गयेरकाटा के पास एनएच 31 पर यह कार्रवाई की. तस्करी की जा रही लकड़ी जिस ट्रक पर लदी थी, वह दक्षिण भारत जा रहा था. ट्रक से तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछा की जा रही है, जिनमें एक सीआरपीएफ जवान भी है. जवान का नाम शाजी एन (36) बताया गया है. बाकी दो ट्रक चालक व हेल्पर हैं, जिनका नाम समरेश देवनाथ और पंकज देवनाथ है.
हिरासत में लिया गया जवाना फिलहाल मणिपुर में ड्यूटी पर तैनात है. वह केरल का निवासी है. पूछताछ में जवान ने स्वीकार किया है कि वह पहले भी एक बार ट्रक से सागवान की लकड़ी मणिपुर से दक्षिण भारत ले जा चुका है. उसने यह बताया कि इस बार लकड़ी नगालैंड के दीमापुर से लादी गयी है और इसे भी दक्षिण भारत ले जाना था.
मोराघाट रेंज के वनकर्मियों को गुप्त खबर मिली थी ‘ऑन आर्मी ड्यूटी’ लिखा आंध्र प्रदेश नंबर का एक ट्रक अवैध लकड़ी ले जा रहा है. इस खबर के आधार पर वनकर्मी सुबह से ट्रक के इंतजार में थे. आखिरकार दोपहर में ट्रक गयेरकाटा के पास पहुंचा. वनकर्मियों ने उसे रोककर तलाशी ली तो 50 लाख रुपये की सागवान की लकड़ी बरामद हुई. मोराघाट के रेंजर अजय घोष ने बताया कि हिरासत में लिये गये लोग लकड़ी का कोई वैध कागज पेश नहीं कर पाये. सीआरपीएफ जवान समेत तीनों व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है. पूछताछ में संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर इन्हें गिरफ्तार किया जायेगा.
वन अधिकारियों का मानना है कि हिरासत में लिया गया जवान लकड़ी तस्करी के धंधे से गहराई से जुड़ा है. वह पहले भी कई बार इस तरह का काम कर चुका है. उससे पूछताछ कर विस्तार से जानकारी हासिल करने की कोशिश की जा रही है. यह जवान किसी बड़े लकड़ी तस्करी गिरोह का हिस्सा हो सकता है.
