रंजन सरकार ने मेयर को सौंपा ज्ञापन
तुरंत कार्रवाई करने की मांग की
अवैध रूप से भवन बनाने का आरोप
एनजेपी थाने में दर्ज करायी शिकायत
सिलीगुड़ी : व्यवसायिक प्रतिष्ठान की अवैध गतिविधि के खिलाफ सिलीगुड़ी नगर निगम के विरोधी दल नेता ने वाम मोरचा बोर्ड के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. इसके साथ ही शहर में अवैध निर्माण को बढ़ावा देने का आरोप लगाकर विरोधी दल नेता रंजन सरकार ने मेयर व निगम के कमिश्नर को ज्ञापन देने के साथ कानूनी प्रक्रिया में घसीटने की बात कही है. इसके अलावा उन्होंने पुलिस की सहायता से एक अवैध निर्माण कार्य को रोक दिया है.
मिली जानकारी के अनुसार निगम के 33 नंबर वार्ड श्रीमा सरणी इलाके में सौ से अधिक फ्लैट वाले एक कॉमर्शियल बिल्डिंग का निर्माण हो रहा है. अरिहंत कंस्ट्रक्शन नामक कंपनी निर्माण कार्य कर रही है. आरोप है कि भवन निर्माण में जल निकासी सिस्टम का पालन नहीं किया गया है. रविवार को उस कंपनी द्वारा पीडब्ल्यूडी के मैस्टिक सड़क को काटकर जल निकासी व्यवस्था का काम कराये जाने का मामला सामने आया. उसके बाद इलाका वासियों ने काम को रूकवा दिया. विरोधी दल नेता रंजन सरकार ने रविवार को ही स्थानीय माकपा वार्ड पार्षद असीम साहा तथा निगम के कमिश्नर सोनम वांग्दी भुटिया को इस घटना की जानकारी दे दी गयी थी,लेकिन कंस्ट्रक्शन कंपनी के खिलाफ कोई कार्यवाई नहीं की गयी. सोमवार को एक बार फिर से सड़क काटने का काम शुरू हुआ. इसकी जानकारी जैसे ही रंजन सरकार को मिली तो उन्होंने निगम के विरोधी दल नेता की हैसियत से न्यू जलपाईगुड़ी थाने में सड़क काटने वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी. पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची औ सड़क काटने के साथ ही निर्माण कार्य को भी रोक दिया. रंजन सरकार ने निगम पर अवैध रूप से इमारत का प्लान पास करने व अवैध निर्माण को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है. श्री सरकार ने कहा कि बिना निकासी सिस्टम के किसी भी व्यवसायिक भवन का प्लान पास नहीं किया जा सकता है.
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा या तो निगम ने घोटाला कर प्लान पास किया है या फिर बिना प्लान के ही कंस्ट्रक्शन कंपनी ने भवन बना लिया है. उन्होंने आगे कहा कि किसी भी सड़क को इस तरह से खोद कर नष्ट करना कानूनन अपराध है. फिर भी वार्ड पार्षद सहित निगम ने कोई कदम नहीं उठाया. यहां तक कि इतने दिन से जारी इस अवैध निर्माण के खिलाफ भी कोई कार्यवायी नहीं की है. बुधवार को वे इस घटना के खिलाफ निगम के मेयर अशोक भट्टाचार्य व कमिश्नर सोनम वांग्दी भुटिया को पत्र लिखकर जवाब मांगेंगे. उचित उत्तर न मिलने पर वे कानूनी रास्ता अपनायेंगे.
