रणनीति. छोटे राज्यों की मांग को लेकर असम में हुई बैठक
दार्जिलिंग के भी कई नेता हुए शामिल
सभी पाटियों से एक होकर आंदोलन की अपील
फरवरी में दिल्ली में होगा समावेश
सभी राज्यों के आंदोलनकारी संयुक्त रूप से करेंगे घेराबंदी
दार्जिलिंग : भारत में छोटे राज्यों की गठन को लेकर नेशनल फेडरेशन फॉर न्यू स्टेट ने आंदोलन का एलान किया है. असम के सोनितपुर जिले के बनासुर फाटवार में ऑल बोडो स्टुडेंट यूनियन ने अपना 50 वां स्थापना दिवस मनाया. इस अवसर पर नेशनल फेडरेशन फॉर न्यू स्टेट की बैठक आयोजित की गयी थी. आयोजित सभा में देश के विभिन्न क्षेत्रों में अलग राज्य गठन को लेकर चल रहे आंदोलन पर चर्चा की गयी. विभिन्न राज्यों में चल रहे छोटे राज्यों के लिए आंदोलनरत नेता इस सभा में उपस्थित हुए. बुंदेलखंड से राजा बुंदेला, विदर्भ से सपनाजीत सन्याल, पूर्वांचल से पंकज जैसवाल. त्रिपाललैंड से एमके जमातिया, कूकीलैंड से हाजन हवाकित, बोडोलैंड से गोविंदा बासुमतारी, गोरखालैंड से आरबी राई, गोविंद छेत्री, सुनिल राई आदि शामिल हुए.
सभा को संबोधित करते हुए गोरखालैंड के पक्ष में क्रामाकपा प्रमुख आरबी राई ने कहा कि अलग राज्य की मांग में ही माकपा से निकलकर क्रामकपा का गठन किया गया है. उन्होंने कहा कि गोरखालैंड के लिए दार्जिलिंग सहित पहाड़ की जनता के त्याग और बलिदान को भुलाकर जीटीए और हिल एरिया डेवलपमेंट कमेटी आदि जैसी व्यवस्थाओं से समझौता किया जा रहा है. लेकिन क्रामकपा गोरखालैंड गठन के लिए प्रतिबद्ध है. उसे पैसे या सत्ता की लालच नहीं है. उन्होने आगे कहा कि अब वक्त आ गया है कि देश के विभिन्न राज्यों में छोटे राज्य के लिए आन्दोलन कर रहे पार्टियां एकजुट होकर लड़ाई करें.
एनएसएनएफ की सभा में दो प्रस्ताव पेश किये गये. जिसमें कुछ ही दिनों के भीतर भारत सरकार को राज्यों के गठन को लेकर ज्ञापन सौंपे जाने का फैसला लिया गया है. फरवरी महीनें में एनएसएनएफ की सभा दिल्ली में आयोजित की जायेगी. जिसमें देश भर से अलग राज्य की मांग से जुड़े सभी राजनैतिक दलों को लेकर संयुक्त आन्दोलन की रुप रेखा तैयार करने का निर्णय लिया गया. यह जानकारी दार्जिलिंग में बैठक में शामिल नेताओं ने दी है.
