जलपाईगुड़ी के दो व्यवसायियों का नाम आया सामने
स्पेशल टास्क फोर्स कर रही है मामले की जांच
सिलीगुड़ी : उत्तर बंगाल वन विभाग के स्पेशल टास्क फोर्स ने भारी मात्रा में अवैध लकड़ी जब्त की है. इस मामले में दो तस्करों की गिरफ्तारी भी हुई है. आरोपियों को मंगलवार जलपाईगुड़ी जिला अदालत में पेश कर दिया है. गाड़ी के साथ जब्त लकड़ी की कीमत करीब आठ लाख रुपये है. कालिम्पोंग के जंगलो से लकड़ी काटकर उसका फर्नीचर व लकड़ी के अन्य सामान बेचने वाले एक गिरोह का भी खुलासा हुआ है. गिरोह को नियंत्रण करने वाले जलपाईगुड़ी के दो व्यवसासियों का नाम सामने आया है. टास्क फोर्स इस मामले की जड़ खोदने में जुटी है.
मालबाजार के उद्लाबाड़ी से भारी मात्रा में साल लकड़ी तस्करी होने की गुप्त सूचना टास्फ फोर्स को मिल चुकी थी. मिली सूचना के आधार पर टास्क फोर्स ने इसको पकड़ने के लिए जाल बिछाया. सोमवार देर रात एक ऑल्टो व पिकअप वैन में सूचना के मुताबिक लकड़ी जलपाईगुड़ी की ओर ले जाने के क्रम में वन विभाग ने धर लिया. दोनों गाड़ी चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है.
आरोपियों का नाम तन्मय दे व बिसु दास बताया गया है. तन्मय उदलाबाड़ी व बिसु डुवार्स के बागराकोट का निवासी है. टास्क फोर्स सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार माल ले जाने के पहले तस्कर रूट का निरीक्षण करते हैं. इसके लिए वन अधिकारियों ने मोटर साइकिल का सहारा लिया. रूट निरीक्षण कर माल के साथ गुजरते समय उन्हें दबोचा गया. डब्ल्यूबी-74 एम 8278 और डब्ल्यूबी-73 सी 2848 में करीब 2 सीएम साल लकड़ी का लॉग लाद कर जलपाईगुड़ी ले जाया जाया जा रहा था.
जब्त गाड़ी के साथ लकड़ी की कीमत आठ लाख रूपये आंकी गयी है. टास्क फोर्स प्रमुख सह बेलाकोबा के रेंजर संजय दत्त ने बताया कि इससे पहले भी गिरफ्तार तस्करों ने करीब 15 ट्रीप अवैध लकड़ी का खेप जलपाईगुड़ी पहुंचाया. जलपाईगुड़ी में लॉग की चिराई कर लकड़ी की विभिन्न वस्तुएं तैयार कर बिक्री की जाती हैं. इस गिरोह को चलाने वाले जलपाईगुड़ी के दो व्यवसायियों के नाम सामने आये हैं. मामले की तफ्तीश की जा रही है.
