फैलाया आतंक. हल्दीबाड़ी थाना के मेखलीगंज गांव में घुस गया तेंदुआ
जलपाईगुड़ी : कूचबिहार जिले के हल्दीबाड़ी के पार मेखलीगंज गांव में पिछले 24 घंटों में तेंदुए के हमले में सात ग्रामीण घायल हो गये. साथ ही ग्रामीणों के हमले में यह तेंदुआ भी घायल हो गया. बांग्लादेश के सीमावर्ती तीस्तापाड़ के इस गांव में पहलीबार इस तरह की घटना से लोग दहशत में हैं. घटनाक्रम के मुताबिक, सोमवार शाम को हल्दीबाड़ी के पारमेखलीगंज गांव में एक पूर्णवयस्क मादा तेंदुआ ने हमला कर दिया. हमले में पार्थ सेन (31) नामक एक ग्रामीण घायल हो गया. इसके बाद ही पूरे गांव में तेंदुए का आतंक फैल गया.
सूचना मिलने पर हल्दीबाड़ी थाने की पुलिस वहां पहुंची. साथ ही कूचबिहार वन विभाग के कर्मी भी वहां पहुंचे. पुलिस व वनकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद ग्रामीण दशहत में रात काटे. सुबह होते ही फिर से आतंक फैल गया. वनकर्मियों के साथ गांव की झाड़ी में तेंदुए की तलाश के क्रम में दो और ग्रामीण घायल हो गये.
इनके नाम अतुल चंद्र राय (32) व रफीकुल हक सरकार (27) है. इसके बाद इस तेंदुए को काबू में लाने के लिए वन विभाग ने बेहोश करनेवाली बंदूक से उस पर नींद की गोली चलाने का निर्णय लिया. इसके लिए गोरूमारा वन्यप्राणी विभाग के कर्मियों को बुलाया गया. इसके बाद सुरक्षित दूरी से तेंदुए पर नींद की गोली दागी गयी. लेकिन ग्रामीणों को विश्वास नहीं हुआ.
तेंदुआ को मारी गयी नींद की गोली के काम शुरू करने के पहले ही नजदीक पहुंचकर कुछ ग्रामीणों ने खुद ही अपनी विपत्ति बुला ली.
इसी हालत में तेंदुए ने फिर से हमला कर दिया. इसमें और कई लोग घायल हो गये. कुल मिलाकर तेंदुए के हमले में सात लोग घायल हो गये. इससे लोगों में गुस्सा फूटा और आधी नींद की हालत में ही इस तेंदुए पर लोगों ने बांस व लाठी बरसाना शुरू कर दिया. अंत में यह तेंदुआ घायल हो गया.
कूचबिहार वन विभाग के अधिकारी विमान विश्वास ने बताया कि तेंदुए को चोटें आयी हैं, लेकिन चोट गंभीर नहीं है. प्रारंभिक इलाज के लिए इस तेंदुए को गोरूमारा प्रकृति पर्यवेक्षक केंद्र में ले जाया गया है. वहां से उसे गोरुमारा के जंगल में छोड़ दिया जायेगा.
इधर, आसपास जंगल नही होने के बावजूद लंबा नदी का किनारा पार कर किस तरह से यह तेंदुआ पार मेखलीगंज गांव में घुसा यह रहस्य बन गया है. वन अधिकारी भी इस संबंध में कुछ बता नहीं पा रहे हैं.
