खादी के प्रचार-प्रसार के लिए किया गया आयोजन
आज है खादी मेला का अंतिम दिन
बालूरघाट : बालूरघाट में शुरू हुए खादी मेले के फैशन शो को लेकर दक्षिण दिनाजपर में उत्सुकता देखी गई. प्रदर्शनी व प्रचार संबंधी सरकारी मेले के अनोखे योजना से सभी खुश हैं. आयोजकों के मुताबिक, यह फैशन शो खादी मेले का अंग है. खादी के महत्व को सामने रखने के लिए यह आयोजन किया गया है. ज्ञातव्य है कि पश्चिम बंग खादी व ग्रामीण उद्योग परिषद के प्रयास से दक्षिण दिनाजपर में पहली बार खादी मेला शुरू हुआ. बालूरघाट उच्च विद्यालय के मैदान में पहली जनवरी से शुरू हुआ यह मेला सात जनवरी यानी रविवार तक मेला चलेगा.
खादी की सामग्री व कलाकारी को सभी के सामने पेश करने के लिए राज्य सरकार का यह प्रयास है.
यहां राज्य के सभी जिला सहित कुल 56 स्टॉल हैं. छुट्टी के दिन दोपहर 12 बजे से एवं अन्य दिनों में दोपहर 2 बजे से रात साढ़े आठ बजे तक यह मेला खुला रहेगा. यहां खरीद-बिक्री के साथ-साथ बाहरी कलाकारों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम को लेकर मेले की रौनक बढ़ गई है. इस मेले का विशेष आकर्षण है रैंप पर चलने के माध्यम से खादी के पोशाक का फैशन शो करना.
इस योजना को लेकर सभी में काफी उत्साह है. शनिवार को कार्यक्रम मंच में रैंप पर चलने में युवक व युवतियां दोनों ने हिस्सा लिया. 25 युवक व 25 युवतियां खादी के विभिन्न पोशाक पहनकर अलग-अलग रैंप पर फैशन शो में शामिल हुई. युवतियां साड़ी व युवक धोती-कुर्ता पहनकर पूरी तरह से बंगाली पोशाक में रैंप पर चलते दिखे.
इस फैशन शो को देखने के लिए खादी मेले में काफी संख्या में लोग पहुंचे. फैशन शो में भाग लेनेवाली मौमिता गुहा ने बताया कि मेले में अनोखा प्रयास किया गया है. इसे लेकर उनमें काफी उत्साह है. पश्चिम बंग खादी व ग्रामीण उद्योग परिषद के जिले के अधिकारी तपन चट्टोपाध्याय ने बताया कि खादी मेले के साथ फैशन शो विशेष रूप से जुड़ा है. मेले में खादी पोशाक का सौंदर्य पेश किया गया है. माना जा रहा है कि लोग इस उद्योग के प्रति आकर्षित होंगे.
