क्षोभ. जनसभा की अनुमति नहीं मिलने पर जतायी नाराजगी
गोरखालैंड राज्य के मुद्दे से समझौता करने से इनकार
फिर से जीटीए लेने पर गोजमुमो नेताओं की आलोचना
दार्जिलिंग : क्रामाकपा की घूम शाखा कमेटी द्वारा घूम ट्रक माइला स्मृति भवन में एक सम्मेलन का आयोजन किया गया. सम्मेलन में पार्टी प्रमुख आरबी राई, केन्द्रीय प्रवक्ता गोविन्द छेत्री, शेखर छेत्री, संजिला घीसिंग आदि मौजूद थे. सम्मेलन में क्रामाकपा ने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि बंगाल सरकार पहाड़ में दो तरह का कानून लागू कर रही है. श्री गोविंद छेत्री ने आरोप लगाते हुए कहा कि दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र में गोरखालैंड समर्पित दलों को जनसभा करने की अनुमति नहीं दी जा रही है. वहीं दूसरी ओर सरकार के साथ जो सांठगांठ करके काम कर रहे हैं, उन्हें जनसभा करने की अनुमति दी जा रही है.
कुछ दिनों पहले क्रामाकपा अपने 22वां स्थापना दिवस के मौके पर शहर में जनसभा को लेकर अनुमति मांगी थी, पर जनसभा की अनुमति नहीं दी गई. उन्होंने कहा कि सभी को पता है कि क्रामाकपा का जन्म अलग राज्य गोरखालैंड प्राप्ति के लिए ही हुआ है. उन्होंने कहा कि क्रामाकपा गोरखालैंड के मुद्दे से सरकारी पद या सुख-सुविधाओं के लिए कभी समझौता नहीं करेगी. उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय संविधान की धारा 19 में सभी को जनसभा करने का प्रावधान दिया है, लेकिन बंगाल सरकार उसका उल्लंघन कर रही है.
श्री छेत्री ने आगे कहा कि गोजमुमो ने अलग राज्य गोरखालैंड की मांग को लेकर पिछले 104 दिन तक आन्दोलन किया था परन्तु वह आंदोलन विफल हो गया. इस आंदोलन में क्रामाकपा भी आम लोगों के साथ सड़क पर उतर आयी थी. 104 दिन के आन्दोलन में जनता ने अपना काफी कुछ खोया.दूसरी ओर आन्दोलन का नेतृत्व करने वाले गोजमुमो के नेताओं ने फिर से जीटीए में पद को स्वीकार कर जनता के साथ धोखा किया है.
गोर्खाओं की पहचान के लिए अलग राज्य गोरखालैंड होना चाहिए, लेकिन आंदोलन का नेतृत्व करने वालों ने जनता का सिर झुका दिया है. गोरखालैंड राज्य चाय बगान, सिन्कोना बागान, वनबस्ती क्षेत्रों में रहने वाले शोषित,पीड़ित जनता के लिए है. सम्मेलन को शेखर छेत्री, संजिला घीसिंग आदि ने भी संबोधित किया. क्रामाकपा ने घूम क्षेत्र में अपने संगठन को मजबूत बनाने के लिये दावा भूटिया को सचिव बनाया गया.
