जीटीए में बैठ गोरखालैंड की बात करना धोखा : क्रामाकपा

एक्सपर्ट कमेटी का गठन गुमराह करनेवाला कदम अलग राज्य के प्रति ईमानदार हैं तो कुर्सी छोड़ें चाय श्रमिकों की आर्थिक स्थिति काफी दयनीय कटे हुए वेतन का अभी तक भुगतान नहीं दार्जिलिंग : मंगलवार को स्थानीय केन्द्रीय कार्यालय में क्रामाकपा प्रवक्ता गोविंद छेत्री ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकारी पद पर बैठकर […]

एक्सपर्ट कमेटी का गठन गुमराह करनेवाला कदम

अलग राज्य के प्रति ईमानदार हैं तो कुर्सी छोड़ें
चाय श्रमिकों की आर्थिक स्थिति काफी दयनीय
कटे हुए वेतन का अभी तक भुगतान नहीं
दार्जिलिंग : मंगलवार को स्थानीय केन्द्रीय कार्यालय में क्रामाकपा प्रवक्ता गोविंद छेत्री ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकारी पद पर बैठकर गोरखालैंड एक्सपर्ट कमेटी गठन करने की बात करना गोरखालैंड समर्थकों को गुमराह करना है. उन्होंने कहा कि सुनने में आया है कि विनय तमांग और अनित थापा ने गोरखालैंड गठन को लेकर गोरखालैंड एक्सपर्ट कमेटी का गठन करने की बात कही है, यह अच्छी बात है. लेकिन जीटीए के पद पर बैठकर गोरखालैंड की बात करना जनता के साथ धोखा है. उन्होंने कहा कि अगर गोखालैंड के प्रति विनय तमांग तथा अनित थापा ईमानदार हैं तो सरकारी पद छोड़कर सड़क पर आयें, तब जनता उनकी बातों पर भरोसा करेगी.
श्री छेत्री ने कहा कि 104 दिनों तक बंद के दौरान विनय तमांग तथा अनित थापा ने कोलकाता से लौटने के बाद कर्सियांग में एक जनसभा की थी. इसमें विनय तमांग ने अपने को गोरखालैंड का सच्चा और ईमानदार भक्त बताया था और गोरखालैंड के लिए आमरण अनशन पर बैठने की बात कही थी.
उन्होंने कहा अगर सचमुच में विनय तमांग गोरखालैंड के प्रति ईमानदार हैं, तो अनशन पर बैठकर बतायें. श्री छेत्री ने पत्रकारों से कहा कि क्रामाकपा की आगामी जनवरी बैठक होगी जिसमें शाखा प्रशाखाओं की सेमिनार आयोजित करेंगे. फरवरी महीने में आंचलिक कमेटी, मार्च महीने में भातृ संगठनों का सेमिनार का आयोजन किया जायेगा. इस दौरान शिक्षकों को एक संगठन भी बनाया जायेगा. अप्रैल के अंत तक सेमिनार का कार्यक्रम पूरा कर मई महीने में भव्य मई दिवस का आयोजन किया जायेगा.
उन्होंने कहा कि पिछले दिनों बंद की वजह से चाय श्रमिकों की आर्थिक स्थिति काफी दयनीय है. बंद के दौरान सरकारी कर्मचारियों के कटे हुए वेतन का भुगतान कर दिया गया है, लेकिन चाय श्रमिकों के कटे हुए वेतन का अभी तक भुगतान नहीं हुआ है. श्री छेत्री ने कहा कि पर्यटन उत्सव मनाने से स्थानीय जनता को क्या फायदा हुआ है, अगर फायदा हुआ है तो दो-चार लोगों को. पिछले दिनों गोखालैंड आंदोलन में कई लोग शहीद हुए और आज भी कुछ लोग जेल में बंद हैं. यह पर्यटन उत्सव मनाने का वक्त नहीं है.

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