सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी के एक कांग्रेस कार्यकर्ता की मां लापता हो गयी और और 100 दिन का समय बीत जाने के बाद भी पुलिस उनको खोजने में सफल नहीं रही है. कांग्रेस कार्यकर्ता विमलेश मौलिक ने अपने पड़ोसी एक पुलिसकर्मी पर मां को गायब करने का आरोप लगाया है. इसके साथ ही उन्होंने सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस पर भी निशाना साधा है. उन्होंने बताया कि लापता होने के 100 दिन बाद भी पुलिस उनकी मां को ढूंढ़ने के लिए सकारात्मक कदम नहीं उठा रही है. जबकि उन्होंने लापता होने की प्राथमिकी दर्ज कराने के साथ ही पुलिस कमिश्नर को भी घटना से अवगत कराया. संदेहास्पद पुलिस कर्मी वर्तमान में सिलीगुड़ी के एयरभ्यू मोड़ के निकट स्थित एसआरपी कार्यालय में नियुक्त है.
विमलेश मौलिक ने बुधवार को सिलीगुड़ी जर्नलिस्ट क्लब में पत्रकारों को इस घटना से अवगत कराया. उन्होंने बताया कि बीते 28 अगस्त को उनकी मां देशबंधुपाड़ा स्थित अपने घर से साउथ कॉलनी स्थित दुकान जाने के लिए सुबह साढ़े पांच बजे निकली थी. लेकिन दोपहर को जब उन्होंने अपने बेटे को दुकान भेजा तो दुकान बंद पाया. आस-पास के दुकानदारों ने बताया कि आज वह दुकान पर पहुंची ही नहीं. इसके बाद उनकी खोज शुरू हुयी. सिलीगुड़ी व आस-पास के इलाकों में रहने वाले सभी रिश्तेदारों से पूछताछ की गयी, लेकिन कुछ पता नहीं चला. अगले दिन सिलीगुड़ी थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करायी गयी.
पुलिस नहीं लगा पायी सुराग, परिवार के लोग हो रहे परेशान
उन्होंने बताया कि घटना के करीब एक महीने बाद भी उनका कोई पता नहीं चलने पर पुलिस कमिश्नर से लेकर राज्य की मुख्यमंत्री तक को पत्र भेजा. उसके बाद भी कोई लाभ नहीं हुआ. श्री मौलिक ने आगे कहा कि मां के लापता होने के तीन-चार दिन बाद उनके पड़ोसी त्रिवन सिकदार व उनकी पत्नी ने अत्याचार शुरू कर दिया. यह लोग गाली-गलौज व विभिन्न प्रकार से धमकाने लगे.
उन्होंने बताया कि त्रिवन सिकदार पेशे से एक पुलिसकर्मी है. इसके बाद भी उन्होंने नगर निगम के नियमों का उल्लंघन कर अवैध निर्माण किया है. जिसको लेकर कई बार निगम से शिकायत भी की गयी है. इसी बात को लेकर उनदोनों के बीच आये दिन झड़प होती है. श्री मौलिक ने आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिसकर्मी त्रिवन धमकी दी थी कि ऐसी सजा देगा कि जीवन भर याद रहेगा. विमलेश मौलिक ने मां के लापता होने का संदेह त्रिवन सिकदार पर जताया है. उन्होंने आगे कहा कि एक पुलिसकर्मी के खिलाफ मामला होने से पुलिस प्रशासन भी उनकी मां को ढूंढ़ने में सहायता नहीं कर रही है. करीब एक सौ दिन गुजरने के बाद भी पुलिस की ओर से सकारात्मक पहल नहीं की गयी है.
