अलीपुरद्वार: विरोध के 24 घंटे अंदर ही प्रशासन निर्मित स्पीड ब्रेकर हटा दिये गये. दुर्घटना से बचने के लिए सरकारी कीमत पर अलीपुरद्वार बक्साफिडर रोड व एके रोड सहित मुख्य सड़कों पर बने 60 से अधिक स्पीड ब्रेकर तोड़ डाले गये. ऐसे में सवाल उठता है कि इस तरह का स्पीड ब्रेकर आखिर बनाया ही क्यों गया?
स्वयंसेवी संगठनों सहित कुल 22 संगठनों के संयुक्त रूप से विरोध की वजह से ये स्पीड ब्रेकर हटा मंगलवार को लिए गये. लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर प्रदीप्त चट्टोपाध्याय ने बताया कि जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देश से इन स्पीड ब्रेकरों को हटा लिया जा रहा है. इधर, अलीपुरद्वार के पुलिस अधीक्षक अभारू रवींद्रनाथ ने बताया कि नगरपालिका क्षेत्र में आमलोगों को हो रही दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए इन स्पीड ब्रेकरों को हटा लिया गया. उन्होंने बताया कि इन स्पीड ब्रेकरों को जंक्शन की सड़क पर लगाया जाएगा. उल्लेखनीय है कि दुर्घटना प्रभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर स्पीड ब्रेकर लगाने का काम शुरू किया गया. अलीपुरद्वार जंक्शन से अलीपुरद्वार चौराहे, एके रोड सहित विभिन्न सड़कों पर स्पीड ब्रेकर लगाया गया.
शहर में बार-बार स्पीड ब्रेकर लगाने को लेकर रोष पैदा हो गया. इसे लेकर व्यवसायी सहित 22 संगठनों ने आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया. इसे लेकर इनकी बैठक हुई. आखिरकार पुलिस प्रशासन 24 घंटे के अंदर ही स्पीड ब्रेकरों को तोड़ना शुरू किया. इसे लेकर सवाल उठना शुरू हो गया है कि लाखों रुपये खर्च कर स्पीड ब्रेकर लगाया गया फिर इसे हटा दिया गया. इससे सरकार के लाखों रुपयों की बर्बादी हुई.
