वृद्ध दंपती की हड़प ली जमीन

बालूरघाट: नि:संतान वृद्ध दंपती के जीवन भर की संपत्ति व एक मात्र भरोसा चार शतक जमीन को पड़ोसियों ने हड़पकर उनको बेदखल कर दिया. जमीन से बेदखल होने से यह दंपती गीतांजलि परियोजना की दूसरी किश्त की राशि वापस लौट जाने को लेकर भी आशंकित है. इस पूरे मामले को लेकर पतिराम इलाके की निवासी […]

बालूरघाट: नि:संतान वृद्ध दंपती के जीवन भर की संपत्ति व एक मात्र भरोसा चार शतक जमीन को पड़ोसियों ने हड़पकर उनको बेदखल कर दिया. जमीन से बेदखल होने से यह दंपती गीतांजलि परियोजना की दूसरी किश्त की राशि वापस लौट जाने को लेकर भी आशंकित है. इस पूरे मामले को लेकर पतिराम इलाके की निवासी वृद्धा गौरी सरकार व उसके पति सचिन सरकार ने पतिराम आउटपोस्ट में शिकायत दर्ज कराई है. साथ ही इस दपंती ने एक रिश्तेदार के घर में शरण लिया है.
ज्ञातव्य हो कि गौरी सरकार (65) व पति सचिन सरकार (70) नि:संतान हैं. सचिन सरकार दर्जी का काम करते थे. यह दंपती पतिराम इलाके में सड़क के किनारे एक झोंपड़ी में रहते थे. दो वर्ष पहले 512 नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण के समय इन्होंने वहां से हटकर पतिराम हाइस्कूल के पास सड़क के किनारे अपने भाई के घर में आश्रय लिया. पिता के घर के 17 शतक जगह में से गौरी देवी को चार शतक जमीन मिली. इसके बाद इस दंपती ने यहां घर बनाकर रहने की योजना बनाई.
घर बनाने के लिए गीतांजलि परियोजना के तहत इन्हें पहली किश्त की राशि मिली, लेकिन अभी तक घर बनाने की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी. आरोप है कि इसीबीच कई पड़ोसियों ने इस जगह पर कब्जा करने के लिए साजिश रची. स्थिति को भांपते हुए वृद्ध दंपती ने किसी दूसरे रिश्तेदार के घर शरण ले ली. इसके बाद घटना का पूरा विवरण देते हुए गौरी सरकार पुलिस के पास पहुंची. इस घटना को लेकर उन्होंने स्थानीय पतिराम आउटपोस्ट में दिलीप साहा, तापस साहा व दुलाल साहा के विरुद्ध शिकायत दर्ज करायी. वृद्धा गौरी देवी ने बताया कि एक वर्ष पहले उनकी जगह पर उन्हीं का एक कदम का पेड़ टूटकर गिर गया था.

आरोपी पड़ोसियों ने इतने दिनों बाद इस पेड़ को अपना बताकर विवाद शुरू कर दिया. यहां तक कि इस मामले को अदालत तक ले गये. आवश्यक कागजात देखकर अदालत ने इस मामले को खारिज कर दिया. उससे यह जमीन उनकी है, यह साबित हो गया. इसके बाद इन्हें घर बनाने के लिए गीतांजलि परियोजना की राशि मिली. इसलिए इन्होंने इस जगह को साफ रा कर टूटे पेड़ को हटाने के लिए मजदूर लगवाया. जिसमें पड़ोसियों ने रुकावट पैदा की. यहां तक कि जान से मारने की धमकी दी एवं मारपीट करने पर उतारू हो गये.

आरोप है कि ये पड़ोसी इस जमीन को खरीदने के लिए कई बार आये, लेकिन बेचने को तैयार नहीं होने पर इनलोगों ने इस जमीन को हड़पने की साजिश शुरू की. न्याय पाने के लिए गौरी अपने पति के साथ पुलिस थाने में पहुंची. हालांकि इस दंपती का कहना है कि अभी तक इस घटना को लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >