नये साल के रंग में भंग डाल सकता है जल संकट

सिलीगुड़ी: एशियन हाइवे के कार्य की वजह से उत्पन्न होनेवाले पेयजल संकट से सिलीगुड़ी में नये वर्ष का मजा किरकिरा होने की संभावना जताई जा रही है. जनवरी महीने की 3 से 6 तारीख तक निगम द्वारा मुहैया कराये जानेवाली पेयजल परिसेवा बंद रहेगी. मंगलवार इस मुद्दे को लेकर सिलीगुड़ी नगर निगम के सभागार में […]

सिलीगुड़ी: एशियन हाइवे के कार्य की वजह से उत्पन्न होनेवाले पेयजल संकट से सिलीगुड़ी में नये वर्ष का मजा किरकिरा होने की संभावना जताई जा रही है. जनवरी महीने की 3 से 6 तारीख तक निगम द्वारा मुहैया कराये जानेवाली पेयजल परिसेवा बंद रहेगी. मंगलवार इस मुद्दे को लेकर सिलीगुड़ी नगर निगम के सभागार में बैठक हुई. आज की इस बैठक में निगम के मेयर, विरोधी दल नेता, लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी), एशियन हाइवे के अधिकारी उपस्थित थे. मेयर ने वैकल्पिक व्यवस्था के जरिये नागरिकों को पेयजल मुहैया कराने का आश्वासन दिया है. विरोधी दल समस्या से निबटने में माकपा बोर्ड के साथ खड़ा है.

एशियन हाइवे भारत-नेपाल सीमांत के पानी टंकी से बागडोगरा, मेडिकल कॉलेज, नौकाघाट, फूलबाड़ी से होकर बांग्लादेश को जा रही है. सिलीगुड़ी के निकट स्थित मिनी सचिवालय उत्तरकन्या के सामने दोनों ओर से महासडक बन कर पहुंच चुकी है. उत्तरकन्या के निकट रेलवे का एक ओवरब्रिज है. एशियन हाइवे के अंतर्गत यह ब्रिज बनाया जाना है. जबकि फूलबाड़ी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से सिलीगुड़ी को आनेवाली पेयजल पाइपलाइन महासड़क के आड़े आ गयी है. ब्रिज का पिलर जहां बनेगा, वहां पेयजल का पाइप बिछा हुआ है. इस पाइप को स्थानांतरित करने को लेकर काफी दिन पहले ही एशियन हाइवे अथॉरिटी ने नगर निगम को चिट्ठी दी थी.


अपने पिछले सिलीगुड़ी दौरे में राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस समस्या को समाधान करने की जिम्मेदारी राज्य के पर्यटन मंत्री गौतम देव को सौंप गयीं. इसके बाद मंत्री ने पीएचइ, एशियन हाइवे व सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस प्रशासन को लेकर बैठक की. मंत्री की बैठक के तुरंत बाद नगर निगम भी हरकत में आया. संबंधित विभागों के साथ बैठक कर जल्द से जल्द इस कार्य को समाप्त करने का निर्णय लिया गया.

नवंबर अंत में की गयी बैठक में मेयर ने शादी-विवाह के सीजन को देखते हुए 15 दिसंबर के बाद यह कार्य कराने का आश्वासन दिया था. इस बैठक के बाद एशियन हाइवे व पीएचईडी को कार्य की तैयारी करने की सहमति निगम ने दे दी. सिर्फ कार्य की तिथि निर्धारित नहीं हुई थी. मंगलवार को निगम में इस मुद्दे को लेकर फिर एक बैठक आयोजित हुई. पीएचइ के मुताबिक पाइप को स्थानांतरित करने में उन्हें चार दिन का समय लगेगा. तीन दिनों में कार्य को पूरा कर एक दिन ट्रायल होगा. इसके अगले दिन से पूर्ववत पेयजल पाइपलाइन से मुहैया कराया जायेगा.
तीन महीने पहले भी मचा था हाहाकार
बैठक में कार्य करने के लिए नए वर्ष की जनवरी महीने की 3 से 6 तारीख निर्धारित की गयी है. इस दौरान नागरिकों को पेयजल संकट से गुजरना होगा. यहां उल्लेखनीय है कि इसी एशियन हाइवे के कार्य की वजह से करीब तीन महीने पहले सिलीगुड़ी में पेयजल का हाहाकार मच गया था. नौकाघाट के नजदीक पाइपलाइन में लीकेज होने से पेयजल परिसेवा बाधित हुई थी. उस समय निगम की विरोधी दल तृणमूल कांग्रेस ने नागरिक परिसेवा मुहैया कराने में व्यर्थ बताकर जोरदार आंदोलन किया था. लेकिन जबकि इस बार तृणमूल भी माकपा बोर्ड के साथ है. आज बैठक के बाद विरोधी दल नेता रंजन सरकार ने कहा कि जनवरी के चार दिन नागरिकों को पेयजल के लिए परेशानी का सामना करना पड़ेगा. जबकि निगम की बोर्ड के साथ मिलकर नागरिकों को पेयजल मुहैया कराने के कुछ वैकल्पिक मार्ग तलाशा गया है.
वैकल्पिक व्यवस्था की बनी योजना
सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर अशोक भट्टाचार्य ने बताया कि निर्धारित तिथि में कार्य पूरा करने का अनुरोध पीएचइ व एशियन हाइवे प्रबंधन से किया गया है. इस दौरान शहर में पेयजल समस्या से निबटने के लिए कुछ वैकल्पिक रास्ता अपनाया गया है. एक सांसद से मिले 15 लाख रुपये से तीन मार्क-2 हैंड पंप लगाये जा रहे हैं. इसके अतिरिक्त तीन डीप ट्यूबवेल का काम दिसंबर तक पूरा हो जायेगा. इससे पेयजल परेशानी काफी हद तक हल हो जायेगी. पीएचइ ने भी कार्य के इन चार दिनों में रोज एक लाख पेयजल का पाउच शहर में वितरित करवाने का आश्वासन दिया है. सबसे बड़ी बात यह है कि 17 दिसंबर तक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से शक्तिगढ़ तक वैकल्पिक पाइपलाइन का काम पूरा हो जायेगा. इससे शक्तिगढ़ के अलावे आसपास के इलाकों में भी पेयजल मुहैया कराया जायेगा. इसके अतिरिक्त सिलीगुड़ी नगर निगम की 17 वाटर टैंक के अलावा जलपाईगुड़ी नगर पालिका की तीन टैंकरों को भी कम में लगाया जायेगा.

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