खुफिया विभाग के अलर्ट पर नहीं दिया ध्यान, हाथी का सिर कटा शव मिला

मयनागुड़ी. एक हाथी का सिरकटा शव मिट्टी के नीचे दबा हुआ मिला. सिर नहीं मिलने से अवैध शिकारियों के जंगल में सक्रिय होने की आशंका बढ़ गयी है. डीएफओ विद्युत सरकार ने बताया कि घटना की जांच चल रही है. साथ ही कुनकी हाथी को लेकर इस शव के बाकी भाग की तलाश की जा […]

मयनागुड़ी. एक हाथी का सिरकटा शव मिट्टी के नीचे दबा हुआ मिला. सिर नहीं मिलने से अवैध शिकारियों के जंगल में सक्रिय होने की आशंका बढ़ गयी है. डीएफओ विद्युत सरकार ने बताया कि घटना की जांच चल रही है. साथ ही कुनकी हाथी को लेकर इस शव के बाकी भाग की तलाश की जा रही है. उन्होंने बताया कि हाथी का सिर मिलने से ही यह समझा जा सकता है कि हाथी का दांत चोरी हुआ है या नहीं.


उल्लेखनीय है कि हाल ही में खुफिया विभाग ने डुआर्स में अवैध शिकारियों के सक्रिय होने को लेकर सतर्क किया था. इसके बाद ही गोरूमारा सहित डुआर्स के जंगलों में सुरक्षा कई गुना बढ़ा दी गयी है. उल्लेखनीय है कि इस बीच नाथुआ के जंगल में 14 नंबर कम्पार्टमेंट में एक हाथी का शव मिट्टी में दबे होने की सूचना वन विभाग को मिली. इसके बाद शव की तलाश शुरू की गई. सोमवार देर रात तक तलाशी के बाद हाथी का शव नहीं मिला. मंगलवार सुबह तलाशी फिर से शुरू की गई. तब जाकर कुछ हड्डियां व शरीर के कुछ अंश मिले. वन विभाग के मुताबिक, इस हाथी का सिर नहीं मिला है.

जलपाईगुड़ी वन विभाग के डीएफओ विद्युत सरकार ने बताया कि इन हड्डियों को देखकर लग रहा है कि हाथी की उम्र पांच से सात वर्ष थी. करीब महीने भर पहले भी इसी तरह हाथी का शव मिलने की घटना सामने आई थी. दोबारा इस तरह की घटना सामने आने से जंगल की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं. पर्यावरण प्रेमियों की शिकायत है कि सुरक्षा का दिखावा भर किया जा रहा है.

उल्लेखनीय है कि गत अप्रैल महीने में गोरूमारा जंगल में अवैध शिकारियों के निशाने पर आकर दो गैडों की जान चली गई थी. तब भी इसी तरह गैंडों को मारकर उनके सींग निकालकर शव को मिट्टी में दबाने की बात सामने आयी थी. इस बीच फिर खुफिया विभाग से सतर्क किए जाने के बावजूद इस तरह की घटना क्यों हुई, इसे लेकर सवाल उठने लगे हैं. साथ ही एक माह तक हाथी का शव किस तरह से वन कर्मियों की नजर से बच गया, इसे लेकर भी पर्यावरणप्रेमियों ने सवाल उठाया है.
पर्यावरण प्रेमी श्यामा प्रसाद पांडे का आरोप है कि हाथी के मौत को लेकर कुछ स्पष्ट नहीं है. मौत के सही कारण का पता लगाना होगा. नागराकाटा पंचायत समिति के वन एवं भूमि कार्याध्यक्ष बुद्धिमान मुंडा ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर वह मौके पर पहुंचे. उन्होंने इस घटना को दुखद बताया है.
वनकर्मियों के दोषी होने पर होगी कार्रवाई
इस घटना को लेकर वनकर्मियों की लापरवाही होने पर आरोपियों के विरुद्ध अवश्य ही कार्रवाई की जायेगी. साथ ही जलपाईगुड़ी जिले के सभी जंगलों की सुरक्षा कई गुणा बढ़ा दी गयी है.
विद्युत सरकार, डीएफओ

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