सिलीगुड़ी. विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने सिलीगुड़ी पुलिस प्रशासन के विरुद्ध आवाज बुलंद करना शुरु कर दिया है. गुरुवार को सिलीगुड़ी जर्नलिस्ट क्लब में विहिप की सिलीगुड़ी इकाई की ओर से आयोजित प्रेस-वार्ता के दौरान विहिप के उत्तर बंगाल प्रांत सह संगठन मंत्री अनुप मंडल ने पुलिस प्रशासन को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि पुलिस का अत्याचार अब और बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. उन्होंने बताया कि अयोध्या में छह दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद का ढांचा ढहाया गया था. इस दिन को आरएसएस और विहिप प्रत्येक वर्ष शौर्य दिवस के रुप मनाती आ रही है.
कल यानी बुधवार को इस एतिहासिक दिन का 25 वर्ष पूरा हुआ. जिसे देश भर में रजत जयंती वर्ष के रुप में पालन किया गया. श्री मंडल का कहना है कि सिलीगुड़ी में भी इस रजत जयंती वर्ष के रुप में शहर के कचहरी रोड स्थित प्रधान डाकघर के सामने विहिप और इसकी युवा विंग बजरंग दल संयुक्त बैनर तले शौर्य दिवस मनाने का निर्णय लिया गया था.
इसके तहत राम धुन की सामूहिक जाप के साथ एक पथ सभा आयोजित करने का निर्णय था. लेकिन पुलिस प्रशासन ने शौर्य दिवस पालन करने के निर्धारित समय से पहले ही अड़चन डाल दिया. कल सुबह शहर के सड़कों और डिवाइडर पर कार्यक्रम को लेकर भगवा ध्वज लगाने के आरोप में सिलीगुड़ी थाना की पुलिस ने उनके साथ कुल छह कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर हवालात में डाल दिया. उन्होंने पुलिस के विरुद्ध कानूनी लड़ाई लड़ने की चेतावनी दी है. जरुरत पड़ने पर हाइकार्ट जाने व आंदोलन करने की धमकी भी दी है.
विहिप के सिलीगुड़ी जिला सह सचिव राकेश अग्रवाल ने बताया कि पथसभा की अनुमति के लिए लिए 10 रोज पहले ही एक चिट्ठी सिलीगुड़ी थाना को दी गयी थी. शौर्य दिवस के ठीक एक दिन पहले पांच दिसंबर यानी मंगलवार की शाम को सिलीगुड़ी थाना से फोन पर बताया गया कि शौर्य दिवस मनाने की अनुमति नहीं है. सार्वजनिक तौर पर शहर में कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जा सकता. अगर कार्यक्रम करना है तो कहीं घर के भीतर ही करने की अनुमति दी जा सकती है. श्री अग्रवाल ने बताया कि इस फोन के आने से पहले सिलीगुड़ी थाना के एक अधिकारी ने ही शौर्य दिवस कल 11 बजे मनाने की इजाजत दी थी. इस बाबत अधिकारी से हुई बातचीत का पूरा अंश श्री अग्रवाल के मोबाइल में रिकार्ड है.
