चार संदिग्ध देखे जाने से आतंकी हमले की दहशत, पुलिस ने तीस्ता का कछार खंगाला, कुछ नहीं मिला

जलपाईगुड़ी: करीब चार साल बाद एक बार फिर जलपाईगुड़ी सदर ब्लॉक के पहाड़पुर ग्राम पंचायत इलाके में आतंकी हमले की आशंका से आतंक है. इलाके में संदिग्ध आतंकी देखे जाने की खबर से स्थानीय लोग घबराये हुए हैं. गांववालों ने इसकी खबर कोतवाली थाना पुलिस को दी. पुलिस भी भारी संख्या में मौके पर पहुंची, […]

जलपाईगुड़ी: करीब चार साल बाद एक बार फिर जलपाईगुड़ी सदर ब्लॉक के पहाड़पुर ग्राम पंचायत इलाके में आतंकी हमले की आशंका से आतंक है. इलाके में संदिग्ध आतंकी देखे जाने की खबर से स्थानीय लोग घबराये हुए हैं. गांववालों ने इसकी खबर कोतवाली थाना पुलिस को दी. पुलिस भी भारी संख्या में मौके पर पहुंची, लेकिन किसी की कोई गिरफ्तारी नहीं हुई.

स्थानीय लोगों के अनुसार चार युवकों को संदेहजनक स्थिति में तीस्ता नदी के कछार में घूमते देखा गया. इसके बाद ही उन चारों के आतंकी होने की खबर फैल गयी. कुछ लोगों का यह भी कहना था कि ये युवक तांत्रिक भी हो सकते हैं. उल्लेखनीय है कि साल 2013 में 26 दिसंबर को पहाड़पुर के ही बजरापाड़ा में एक पुल पर हुए बम विस्फोट में छह लोगों की मौत हो गयी थी. इस घटना में कौन लोग शामिल थे, यह मामला जलपाईगुड़ी अदालत में विचाराधीन है.

पहाड़पुर निवासी अबू बक्र सिद्दिकी ने बताया कि गत मंगलवार को गांव के पास तीस्ता नदी के ऊपर बहुत कम ऊंचाई पर हवाई में चक्कर काट रहा था. ग्रामीणों ने इसे सेना का हेलीकॉप्टर समझकर अधिक महत्व नहीं दिया. बुधवार को चौधरीपाड़ा के कई महिला-पुरुष अपने बच्चों के साथ तीन किलोमीटर नदी का कछार पार करके सुबह नदी में तैरकर आनेवाली लकड़ियों को इकट्ठा करने पहुंचे हुए थे. ग्रामीणों ने उस दौरान गांव के पास के पूजा स्थल पर देवताओं के थान के सामने चार लोगों को बैठे देखा था. खबर पाकर पुलिस गुरुवार को इलाके के निरीक्षण के लिए पहुंची.
चौधरीपाड़ा निवासी तथा चौथी कक्षा के छात्र शाहिद आलम ने बताया कि बुधवार की सुबह गांव के देवथान के सामने कुछ अनजान लोगों को देखा गया था. एक अन्य स्थानीय निवासी खलील मोहम्मद ने बताया कि वहां बैठे लोगों से जब उनके पता-ठिकाने के बारे में पूछा गया, तो उन लोगों ने कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया. स्थानीय निवासी खुर्शीद अली ने बांध के पास नदी तट इलाके में चार लोगों को एक साथ देखा था. सभी काले और आसमानी रंग के जैकेट पहने हुए थे. दो लोग ऊपर से गेरूआ चोंगा भी डाले हुए थे. एक का जैकेट फट गया था. उस व्यक्ति को अपना जैकेट सिलते हुए देखा गया था. नदी के किनारे-किनारे चलकर आये ये लोग टूटी-फूटी हिन्दी और नेपाली में बात कर रहे थे. ऐसा लगता है कि ये लोग शहर की ओर जाना चाह रहे थे. एक व्यक्ति को बांध के किनारे-किनारे चले जाते देखा गया, जबकि बाकी तीन लोग काश के जंगल में घुस गये.
एक स्थानीय महिला संपा राय ने कहा कि काश के जंगल में उक्त लोगों को देखा गया था. सरस्वती राय और बबिता राय ने बताया कि बुधवार को उन्होंने गेरूआ पोशाक और लंबे बाल व दाढ़ी में दो लोगों को बांध के किनारे देखा था. ये लोग किसी आतंकवादी की बजाय तांत्रिक हो सकते हैं. उन्होंने कहा : डर के मारे हमलोग गुरुवार को तीस्ता से लकड़ी इकट्ठा करने नहीं गये. हमने अपने बच्चों को भी बाहर नहीं निकलने दिया. डर है कि ये लोग बच्चों को चुराकर बलि दे सकते हैं. बुधवार रात को डर के मारे लोग ठीक से सो भी नहीं सके. इलाके में पुलिस गश्त बढ़ाने की जरूरत है.
कोतवाली थाने की पुलिस अधिकारी अर्घ्य सरकार ने बताया कि पुलिस ने बुधवार शाम को और बृहस्पतिवार की सुबह पूरे इलाके का निरीक्षण किया है. ग्रामीणों ने संदिग्ध आतंकवादी घुसने की खबर दी थी. ऐसा लगता है कि ये बेघर या घुमंतू लोग हो सकते हैं. हालांकि मौके पर पुलिस को कोई नहीं मिला.

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