कालियागंज: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के स्पष्ट दिशानिर्देश के बावजूद कई बैंकों द्वारा जमा राशि में रेजकी लेने से इंकार किया जा रहा है. इस बीच मंगलवार को स्वनिर्भर समूह की महिलाओं ने एक बैंक के कर्मचारियों को रेजकी लेने के लिये बाध्य कर दिया. इस घटना को लेकर कालियागंज शहर में चर्चा का बाजार गर्म है. रेजगी लेने के लिए बैंक में महिलाओं ने हंगामा भी किया. उल्लेखनीय है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) के स्पष्ट दिशा-निर्देश के बावजूद अभी भी कई बैंक रेजकी लेने में आनाकानी कर रहे हैं.
इस वजह से आम उपभोक्ताओं से लेकर व्यवसायी वर्ग के लिए खासी मुसीबत पैदा हो रही है. इस बीच मंगलवार को एक ऐसी घटना घटी जिसमें एक प्राइवेट बैंक के कर्मचारियों को स्वनिर्भर समूह की महिलाओं से रेजकी लेने के लिए मजबूर कर दिया.
उल्लेखनीय है कि उत्तर दिनाजपुर जिले के कालियागंज स्थित उक्त बैंक ने निर्देश जारी किये हैं, जिसके अनुसार बैंक किश्तों के भुगतान में रेजकी नहीं लेगा. लेकिन महिलाओं ने उन्हें रेजकी लेने को मजबूर कर अपने अधिकार का लोहा मनवा लिया.
जानकारी अनुसार मंगलवार को कालियागंज शहर के कार्तिक लेन स्थित बैंक के कर्मचारी कर्ज की किश्त लेने स्वनिर्भर समूह की महिलाओं के घर गये उसी समय यह विवाद सामने आया. अपने ऋ ण के किश्त जमा देने बैंक गयी थीं. जब संबंधित कर्मचारी ने रेजकी लेने से यह कहते हुए साफ तौर पर इनकार कर दिया कि उनके पास इस बारे में स्पष्ट आधिकारिक आदेश है कि वे रेजकी नहीं ले सकते. इस पर महिलाएं भड़क गयीं और वे अपने परिवार के लोगों को बुला लायीं. आखिर में काफी बहस के बाद कर्मचारियों ने रेजकी लेना स्वीकार किया. महिलाओं का आरोप है कि बैंक कर्मचारियों ने उनके साथ बदसलूकी भी की. उनकी रेजकी को वापस कर दिया. साथ ही यह कहा गया कि इस तरह से रेजकी जमा देने पर आगे से उनके किश्त नहीं लिये जायेंगे. इसका स्वनिर्भर समूह की महिलाओं ने प्रतिवाद किया, जिसके बाद बैंक कर्मचारियों को उनकी बात मानते हुए रेजकी स्वीकार करनी पड़ी.
