जलपाईगुड़ी : आधार कार्ड को लेकर राज्य एवं केंद्र सरकार की लड़ाई ने एक नया मोड़ लिया है. रविवार को जलपाईगुड़ी टाउन ब्लॉक दो नंबर कार्यालय में तृणमूल कांग्रेस की छत्रछाया में पश्चिम बंग आधार सुपरवाइजर एंड ऑपरेटर्स एसोसिएशन नामक राज्य स्तरीय नये संगठन का गठन किया गया.कार्यक्रम में आधार सुपरवाइजर, ऑपरेटर एवं तृणमूल नेताओं ने केंद्र की मोदी सरकार की कड़ी आलोचना की. नव गठित समिति के राज्य सचिव कविरुल हसन ने बताया कि आधार कार्ड बनाते समय राज्य के उच्च माध्यमिक पास एवं कंप्यूटर में जानकार लगभग 30 हजार शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों को आधार कार्ड बनाने के काम में ऑपरेटर के तौर पर नियुक्त किया गया.
लेकिन अब विभिन्न बैंकों को इसकी जिम्मेदारी सौंप दी गई है. जिससे लगभग 25 हजार लोग बेरोजगार हो गये हैं. इन युवक -युवतियों ने आधार कार्ड बनाने के लिए डेढ़ से दो लाख रुपए का निवेश कर कैमरा, बायो मेट्रिक मशीन, लैपटॉप, जीपीएस डिवाइस आदि खरीदे थे. लेकिन अब काम भी नहीं रहा उपर से बैंक लोन इनके गले का फंदा बन गया है. संगठन के अध्यक्ष नुरुल हसन ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देश पर लोग आधार सुपरवाइजर या ऑपरेटर के तौर पर काम कर रहे थे,उन्हें 5 से लेकर 13 महीने तक का वेतन नहीं मिला है. अब काम नहीं रहने पर वे सड़क पर आ गये है. बाध्य होकर रविवार को आइएनटीटीयूसी (असंगठित) यूनियन के बैनर तले आधार कर्मियों ने एक कमेटी का गठन किया है. रविवार को इसे इसी संगठन के बैनर तले जिला स्तर पर स्थानीय प्रशासन से पुराना बकाया भुगतान करने और आधार एनरोलमेंट सेंटर जल्द शुरू करने की मांग की. राज्य के हर जिले में कमेटी का गठन कर नेताओं का चयन किया गया है. विभिन्न जिलों से सैकड़ों प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में शामिल हुए. आइएनटीटीयूसी के जिला कमेटी के महासचिव सुजय बर्मन ने बताया कि नवगठित कमेटी के सभी बेरोजगार लोगों को लेकर केंद्र सरकार के विरुद्ध आन्दोलन की तैयारी की जा रही है.
