अंडा उत्पादन बढ़ाने के लिए 60 करोड़ खर्च करेगी सरकार
सिलीगुड़ी/कोलकाता. राज्य पशुपालन विभाग ने अंडों का उत्पादन बढ़ाने के लिए दो और पॉल्टी फॉर्म खोलने की योजना बनायी है. इस योजना पर लगभग 60 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे. यह जानकारी गुरुवार को विभाग के प्रधान सचिव बीपी गोपालिका ने राज्य सचिवालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दी. उन्होंने बताया कि नदिया जिले के […]
सिलीगुड़ी/कोलकाता. राज्य पशुपालन विभाग ने अंडों का उत्पादन बढ़ाने के लिए दो और पॉल्टी फॉर्म खोलने की योजना बनायी है. इस योजना पर लगभग 60 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे. यह जानकारी गुरुवार को विभाग के प्रधान सचिव बीपी गोपालिका ने राज्य सचिवालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दी. उन्होंने बताया कि नदिया जिले के कल्याणी व बांकुड़ा जिले के बारजोरा में दो नये पॉल्ट्री फॉर्म खोले जायेंगे. साथ ही वीरभूम के बड़ोमोहल्ला स्थित पॉल्ट्री फॉर्म का पुनर्विकास किया जायेगा.
वीरभूम जिले के लाभपुर में विभाग द्वारा बत्तख फॉर्म खोला जायेगा. उन्होंने बताया कि राज्य में प्रत्येक दिन लगभग 2.5 करोड़ अंडों की मांग है. इस मांग को पूरा करने के लिए राज्य सरकार अंडों का उत्पादन बढ़ाना चाहती है. पॉल्ट्री फॉर्म को और विकसित करने के लिए राज्य सरकार ने नयी इंसेटिव पॉलिसी बनायी है और इसके लिए लगभग 2015 करोड़ रुपये आवंटित किये हैं. राज्य सरकार ने अंडों का उत्पादन बढ़ानेवाले उत्पादकों को 80 लाख रुपये तक का इंसेंटिव देने की योजना बनायी है.
जो भी उत्पादक 10 हजार से अधिक मुर्गी व बत्तख पालेंगे, उनको आठ लाख रुपये तक इंसेंटिव दिया जायेगा. यह इंसेंटिव उनको बिजली बिल के पार्ट पेमेंट, लोन के भुगतान राशि में डिस्काउंट व मुफ्त स्टैंप ड्यूटी के रूप में दिया जायेगा. अब तक पॉल्ट्री फॉर्म की स्थापना के लिए करीब 43 आवेदन जमा हुए हैं.
श्री गोपालिका ने बताया कि वर्ष 2017-18 के दौरान विभाग द्वारा 60 लाख मुर्गी वितरित की जायेंगी. इनमें से 12 लाख मुर्गियां सात हजार स्वयंसेवी समूहों को दी जायेंगी. इसका दायित्व वेस्ट बंगाल लाइवस्टॉक डेवलपमेंट कॉरपोरेशन को दिया गया है. अब तक 35 लाख मुर्गियों का वितरण किया जा चुका है.