अलिपुरद्वार: ग्रीन ट्रिब्युनल ने बक्सा की आदिम जनजाति को हलफनामा कर प्रमाणपत्र जमा करने का निर्देश दिया है. उल्लेखनीय है कि बक्सा टाइगर रिजर्व फॉरेस्ट व आसपास के कोर इलाके में सरकारी या गैरसरकारी लॉज होटल आदि पर ग्रीन ट्रिब्युनल ने पाबंदी लगा दी है.
जिससे इलाके के आदिवासी जरूरतमंद परिवार जो अपने घरों में एक या दो कमरों को होमस्टे बनाकर रोजी रोटी कमा रहे थे, उन्हें काफी परेशानी हो गई है. लेकिन बक्सा इलाके में जो होमस्टे लॉज हैं, उनके अधीकतर मालिक बाहरी इलाकों के निवासी है. बाद में इसे लेकर होम स्टे संगठन की ओर से पिटीशन दायर की गयी.
पिछले 22 नवंबर को इसकी सुनवाई थी. कोर्ट ने इलाके के आदिवासियों को हलफनामा जमा करने को कहा है. उत्तरबंग वनजन श्रमजीवी मंच ने इस राय का स्वागत किया है. कन्वेनर लाल सिंह भुजेल ने बताया की कोर्ट की राय को सही रूप से पालन किया जाये तो अच्छा कदम साबित होगा. लेकिन शक है कि लोग इसका दुरुपयोग करेंगे. इसके लिए सही गाइडलाइन होना जरूरी है.
