कोलकाता: महानगर में रोजगार के सिलसिले में हजारों की संख्या में लोग दूसरे जिले से यहां आते हैं. कई लोग तो दूसरे राज्यों से भी आते हैं. इस क्रम में नौकरी के लिए परीक्षा देनेवाले परीक्षार्थी भी शामिल हैं. कुछ काम के बाद वापस घर चले जाते हैं तो कुछ को यहीं ठहरना पड़ता है. ऐसे में आर्थिक अभाव के कारण कई लोग गेस्ट हाउस या होटलों में नहीं ठहर पाते. उन्हें स्टेशनों के बाहर या फूटपाथ पर रहना पड़ता है. इस समस्या को लेकर गुरुवार को कोलकाता नगर निगम में उच्च स्तरीय बैठक हुई.
बैठक मेयर परिषद सदस्य (बस्ती पर्यावरण) सपन समतदार के नेतृत्व में हुई. उन्होंने बताया कि बैठक केएमडीए, एचआरबीसी, रेलवे और केआइटी के अधिकारियों को भी बुलाया गया था, जिसमें रेलवे और एचआरबीसी के अधिकारी मौजूद नहीं रहे. इसके अलावा महानगर के विभिन्न बोरो के चेयरमैन और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर उपस्थित थे. महानगर में नाइट शेल्टर तैयार करने के लिए जगहों का सर्वेक्षण किया जायेगा. इसके लिए विभिन्न बोरो चेयरमैन को 15 दिनों का समय जगह के सर्वेक्षण के लिए दिया गया हैै. सर्वेक्षण संबंधी रिपोर्ट मिलने के बाद नाइट शेल्टर तैयार करने कार्य शुरू किया जायेगा. एचआरबीसी ने टॉलीगंज में एक जगह देने को तैयार है.
महानगर में करीब 40 नाइट शेल्टर हैं, जिसमें पांच निगम का और 35 राज्य सरकार द्वारा संचालित है. बहुत जल्द एमजी रोड में नाइट शेल्टर तैयार किया जायेगा. इसके लिए डीपीआर तैयार कर लिया गया है. महानगर स्थित नाइट शेल्टर में हर रोज दो से ढाई हजार लोग रहते हैं.
निगम द्वारा चालित नाइट शेल्टर
चेतला हाट रोड (82 नंबर वार्ड)
नार्दन पार्क (वार्ड नंबर 70)
गालिफ स्ट्रीट (वार्ड नंबर सात)
कैनल वेस्ट रोड (वार्ड नंबर 15)
राजा मनिंद्र रोड (वार्ड नंबर 5)
