उन्होंने बताया कि यह अस्पताल कल केवल सिलीगुड़ी के नेत्र मरीजों के लिए ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर बंगाल के हर वर्ग के मरीजों के लिए समर्पित कर दिया जायेगा. इस हॉस्पिटल के सिलीगुड़ी में खुलने से दार्जिलिंग, कूचबिहार, सिक्किम, असम, बिहार के अलावा नेपाल, भूटान के लोग भी लाभांवित होंगे. उन्होंने बताया कि सिलीगुड़ी में दिशा का यह 12 वां नेत्र अस्पताल है.
इसके बाद उत्तर बंगाल के अन्य शहरों में भी अस्पताल खोलने की योजना है. डॉ भट्टाचार्य ने दावे के साथ कहा कि इस हॉस्पिटल में नामी नेत्र सर्जन डॉ सुब्रत साहा, चाइल्ड आइ केयर स्पेशलिस्ट डॉ आशीष ब्रजपुरिया, ग्लूकोमा स्पेशलिस्ट डॉ बरूणा देवराय, कार्निया स्पेशलिस्ट डॉ आदित्य बजाज जैसे विशेषज्ञ डॉक्टरों और प्रशिक्षित नर्सों की टीमों के सहयोग से हर वर्ग के मरीजों के आंखों का इलाज काफी किफायती दर पर होगा. उनका दावा किया कि यहां गरीबों का भी इलाज होगा लेकिन मुफ्त में नहीं.
उनका इलाज राज्य व केंद्र सरकार के विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं या फिर हॉस्पिटल द्वारा ही संचालित ट्रस्ट फाउंडेशन के सहयोग से होगा. डॉ भट्टाचार्य ने दिशा हॉस्पिटल बैरकपुर का नेत्र बैंक भारत का दूसरा सबसे बड़ा बैंक होने का दावा किया. उनका कहना है कि अगर संभावना बनी तो उत्तर बंगाल के लोगों के सेवा के लिए सिलीगुड़ी में भी नेत्र बैंक स्थापित किया जायेगा.
