मालदा : पंचायत और नगर निकाय चुनाव के ठीक पहले सीटों का पुनर्विन्यास और आरक्षण कोई नयी बात नहीं है. इस तरह की मुश्किलें जन प्रतिनिधियों के सामने आती रही हैं. लेकिन इस बार मालदा जिला परिषद के निर्वाचित सदस्य इस आरक्षण के चलते बुरे फंस गये हैं. इनमें जिला परिषद के उपाध्यक्ष और सात कार्याध्यक्ष भी लपेटे में आ गये हैं. जानकारी के अनुसार, सीटों के आरक्षण के चलते जिला परिषद के कुल 38 सदस्यों में से 21 अपने पुराने चुनाव क्षेत्र से नहीं लड़ पायेंगे.
बुधवार को जिला परिषद ने आरक्षण की सूची प्रकाशित कर दी है. इस वजह से उपाध्यक्ष गौड़ चन्द्र मंडल और सात कार्याध्यक्ष प्रकाश चौधरी, दुर्गेश सरकार, दिलरूबा यास्मीन, मार्जिना खातून, समसुल हक, मिलन दास और द्विजेन्द्रनाथ मंडल को अन्य सीट से चुनाव लड़ना पड़ेगा. इनके अलावा भी जिला परिषद और 13 सदस्य अपने पुराने चुनाव क्षेत्र से आसन्न पंचायत चुनाव में नहीं लड़ सकेंगे. जिला पंचायत व ग्रामोन्नयन अधिकारी सुकांत साहा ने बताया कि मालदा जिला परिषद में कुल 12 पदाधिकारी हैं. इनमें से आठ और सामान्य सदस्यों में 13 अपने पुराने चुनाव क्षेत्र से नहीं लड़ सकेंगे. ऐसे सदस्यों के लिए नये चुनाव क्षेत्र से लड़ना चुनौतीपूर्ण होगा.
