सीटू का दो दिवसीय दार्जिलिंग जिला सम्मेलन 18 नवंबर से

सिलीगुड़ी. उत्तर बंगाल में चाय श्रमिकों की दुर्दशा के लिए राज्य और केंद्र सरकार दोनों ही समान रूप से दोषी हैं. यह कहना है माकपा की ट्रेड यूनियन सीटू की दार्जिलिंग जिला इकाई के सचिव सह राज्यसभा के पूर्व सांसद समन पाठक उर्फ सूरज का. वह गुरुवार को स्थानीय हिलकार्ट रोड के विवेकानंद मिनी मार्केट […]

सिलीगुड़ी. उत्तर बंगाल में चाय श्रमिकों की दुर्दशा के लिए राज्य और केंद्र सरकार दोनों ही समान रूप से दोषी हैं. यह कहना है माकपा की ट्रेड यूनियन सीटू की दार्जिलिंग जिला इकाई के सचिव सह राज्यसभा के पूर्व सांसद समन पाठक उर्फ सूरज का.

वह गुरुवार को स्थानीय हिलकार्ट रोड के विवेकानंद मिनी मार्केट स्थित सीटू के जिला मुख्यालय में आयोजित प्रेस-वार्ता के दौरान मीडिया को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने राज्य सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि चाय बागानों और श्रमिकों की दुर्दशा को सुधारने के लिए ममता सरकार ने 2015 में एक कमेटी गठित की थी, जिसका आज कोई अता-पता नहीं है. कमेटी की गतिविधियों से कोई वाकिफ नहीं हैं.

उन्होंने बताया कि चाय बागानों और श्रमिकों के कई मुद्दों को लेकर सीटू के बैनर तले सिलीगुड़ी में 18 और 19 नवंबर को सातवां दो दिवसीय विराट सम्मेलन आयोजित किया जायेगा. सम्मेलन में चाय श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी जल्द लागू करने के अलावा 18 हजार रुपये प्रति महीने वेतन दिये जाने, श्रमिकों का सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने, श्रमिक विरोधी नया लेबर कोड जल्द रद्द करने जैसे गंभीर मुद्दों पर विचार-मंथन किया जायेगा. साथ ही इन मुद्दों को लेकर भावी आंदोलन की रणनीति और तारीख तय की जायेगी. प्रेस-वार्ता के दौरान सीटू के जिलाध्यक्ष अजीत सरकार व अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी मीडिया को संबोधित किया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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