एनजीटी : छठ पूजा के बाद जिला प्रशासन सक्रिय

सिलीगुड़ी: महानंदा नदी को साफ-सुथरा रखने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देश को कारगर करने के लिए प्रशासन ने एक बार फिर से बड़े पैमाने पर अभियान शुरू कर दिया है. छठ पूजा के समय ही प्रशासन की सक्रियता इस मामले को लेकर काफी बढ़ गई थी. तब एक तरह से महानंदा नदी […]

सिलीगुड़ी: महानंदा नदी को साफ-सुथरा रखने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देश को कारगर करने के लिए प्रशासन ने एक बार फिर से बड़े पैमाने पर अभियान शुरू कर दिया है. छठ पूजा के समय ही प्रशासन की सक्रियता इस मामले को लेकर काफी बढ़ गई थी. तब एक तरह से महानंदा नदी के तट पर छठ पूजा के आयोजन को लेकर ही संकट पैदा हो गया था.

बहरहाल एनजीटी के तमाम नियमों को मानते हुए छठ पूजा संपन्न हो गया. सोमवार से प्रशासन ने फिर से महानंदा नदी के किनारे अवैध कब्जा हटाने के साथ ही अवैध रूप से बने पुलों को तोड़ने का काम शुरू कर दिया है. एसजेडीए की ओर से रामघाट इलाके में जिस अस्थायी पुल का निर्माण किया गया था उसे आज प्रशासन ने तोड़कर हटा दिया है. भारी संख्या में पुलिस की टीम मौके पर पहुंची हुई थी.

हालांकि स्थानीय लोगों ने पुल के तोड़े जाने का विरोध किया. कुछ समय के लिए वहां स्थिति तनावपूर्ण भी हो गई थी लेकिन पुलिस की सक्रियता से कोई अप्रिय घटना नहीं घटी है. इस मौके पर स्थानीय तृणमूल नेता महानंदा मंडल भी उपस्थित थे. महानंदा मंडल ने ही स्थानीय लोगों को समझाया और कहा कि एनजीटी के निर्देश का उल्लंघन करना संभव नहीं है. प्रशासन को कड़ाई के साथ एनजीटी के निर्देश का पालन करना होगा. उन्होंने यह भी कहा कि छठ पूजा के समय प्रशासन की सक्रियता को लेकर लोग तरह-तरह के सवाल उठा रहे थे.

उन लोगों का कहना था कि साल भर एनजीटी के निर्देश की अनदेखी की गई और अब छठ पूजा के समय ही एनजीटी के निर्देश के नाम पर पूजा को रोकने की कोशिश की जा रही है. जबकि वास्तविक स्थिति ऐसी नहीं है. प्रशासन ने अब सालों भर महानंदा नदी पर नजर रखने का निर्णय लिया है. इस बीच, इस पुल के तोड़ दिये जाने से कोलाबाड़ी तथा माटीगाड़ा इलाके के लोग काफी निराश हैं. इसी अस्थायी पुल से दोनों इलाकों को आपस में जोड़ा गया था और स्थानीय लोग सहज ही इस पार से उस पार आते जाते थे. स्थानीय निवासी रामेश्वर यादव का कहना है कि पास ही बन रहे एक स्थायी पुल का निर्माण कार्य शीघ्र संपन्न करने की जरूरत है. काफी सालों से पुल का निर्माण रूका हुआ है. इसी वजह से अस्थायी पुल बनाकर लोग आवाजाही करते थे. कुछ इसी तरह की बातें सावित्री देवी ने भी कही है. सावित्री देवी का कहना है कि पहले बरसात के समय यहां पर नाव से आवाजाही होती थी. अब नाव बंद कर दिये गये हैं. इसी अस्थायी पुल से लोग आवाजाही करते थे. इसके तोड़ दिये जाने से स्थानीय लोगों को काफी परेशानी होगी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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