बहरहाल एनजीटी के तमाम नियमों को मानते हुए छठ पूजा संपन्न हो गया. सोमवार से प्रशासन ने फिर से महानंदा नदी के किनारे अवैध कब्जा हटाने के साथ ही अवैध रूप से बने पुलों को तोड़ने का काम शुरू कर दिया है. एसजेडीए की ओर से रामघाट इलाके में जिस अस्थायी पुल का निर्माण किया गया था उसे आज प्रशासन ने तोड़कर हटा दिया है. भारी संख्या में पुलिस की टीम मौके पर पहुंची हुई थी.
उन लोगों का कहना था कि साल भर एनजीटी के निर्देश की अनदेखी की गई और अब छठ पूजा के समय ही एनजीटी के निर्देश के नाम पर पूजा को रोकने की कोशिश की जा रही है. जबकि वास्तविक स्थिति ऐसी नहीं है. प्रशासन ने अब सालों भर महानंदा नदी पर नजर रखने का निर्णय लिया है. इस बीच, इस पुल के तोड़ दिये जाने से कोलाबाड़ी तथा माटीगाड़ा इलाके के लोग काफी निराश हैं. इसी अस्थायी पुल से दोनों इलाकों को आपस में जोड़ा गया था और स्थानीय लोग सहज ही इस पार से उस पार आते जाते थे. स्थानीय निवासी रामेश्वर यादव का कहना है कि पास ही बन रहे एक स्थायी पुल का निर्माण कार्य शीघ्र संपन्न करने की जरूरत है. काफी सालों से पुल का निर्माण रूका हुआ है. इसी वजह से अस्थायी पुल बनाकर लोग आवाजाही करते थे. कुछ इसी तरह की बातें सावित्री देवी ने भी कही है. सावित्री देवी का कहना है कि पहले बरसात के समय यहां पर नाव से आवाजाही होती थी. अब नाव बंद कर दिये गये हैं. इसी अस्थायी पुल से लोग आवाजाही करते थे. इसके तोड़ दिये जाने से स्थानीय लोगों को काफी परेशानी होगी.
