आज उन्हीं मदन तमांग की पत्नी भारती तमांग और लक्ष्मण प्रधान बंगाल सरकार के साथ मिलकर गोरखालैंड आंदोलन के साथ छल कर रहे हैं. बीते 12 सितंबर को राज्य सरकार द्वारा दार्जिलिंग समस्या को लेकर बुलायी गई बैठक में शामिल नहीं होने का निर्णय लिया गया था. इसके बावजूद भारती तमांग और लक्ष्मण प्रधान बैठक में शामिल हुए. अनुशासनहीनता के कारण इन लोगों को पार्टी से निकाला गया तो भी ये लोग गोरखा लीग के नाम से दूसरी पार्टी चला रहे हैं. इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है.
वरुण भुजेल की मौत की न्यायिक जांच हो : गोरखा लीग
दार्जिलिंग: गोरखा लीग (संजय खाती गुट) ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल सरकार गोरखालैंड की मांग को लाठी के जोर से दबा रही है. कालिम्पोंग नगरपालिका के पार्षद वरुण भुजेल की मौत एक गंभीर मामला है, जिसकी न्यायिक जांच जरूरी है. इसके अलावा, बंगाल सरकार गोरखाओं में फूट डाल रही है. विनय तमांग और […]

दार्जिलिंग: गोरखा लीग (संजय खाती गुट) ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल सरकार गोरखालैंड की मांग को लाठी के जोर से दबा रही है. कालिम्पोंग नगरपालिका के पार्षद वरुण भुजेल की मौत एक गंभीर मामला है, जिसकी न्यायिक जांच जरूरी है. इसके अलावा, बंगाल सरकार गोरखाओं में फूट डाल रही है. विनय तमांग और विमल गुरुंग के खिलाफ एक जैसी धाराओं में मामला दर्ज है, लेकिन विनय तमांग बंगाल पुलिस की सुरक्षा में लालबत्ती की गाड़ी में चल रहे हैं, जबकि विमल गुरुंग को पुलिस एक जगह से दूसरी जगह भागने पर मजबूर कर रही है.
रविवार को शहर के लाडेनला रोड स्थित गोरखा लीग केंद्रीय कार्यालय में पार्टी कोर कमेटी की बैठक हुई. एसके प्रधान की अध्यक्षता में हुई बैठक में पार्टी महासचिव प्रताप खाती समेत कोर कमेटी के नेता उपस्थित थे. बैठक के बाद श्री प्रधान और श्री खाती ने पत्रकारों से कहा कि गोरखा लीग के पूर्व अध्यक्ष मदन तमांग हमेशा कहते थे कि अगर बंगाल से अलग होना है, तो बंगाल की चाय तो दूर पानी तक नहीं पीना होगा. बैठक के नाम पर केवल चाय-पानी पिलाकर गुमराह किया जाता है.
श्री खाती ने बताया कि बैठक में पार्टी के युवा संगठन तरुण गोरखा का संचालन करने के लिए अनुज गुरुंग को चुना गया. आगामी गुरुवार को कालिम्पोंग में पार्टी की केन्द्रीय कमेटी की बैठक होगी.